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रेप के आरोपी की हत्या कर शव पेड़ से लटकाया

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गढ़ रोड स्थित काली नदी के पास बृहस्पतिवार सुबह दुष्कर्म के आरोपी की हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया। पुलिस ने आत्महत्या बताकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिजनों को इसकी जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता और दो भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मेडिकल थानाक्षेत्र के राजवंश विहार निवासी 25 वर्षीय प्रमोद कुमार पुत्र राज बादल परतापुर हैंडलूम फैक्ट्री में काम करता था। डेढ़ साल पहले पड़ोस की एक युवती ने मेडिकल थाने में उसके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।

करीब दस माह पहले ही वह जमानत पर छूटा था। बृहस्पतिवार सुबह उसकी लाश गढ़ रोड स्थित काली नदी के पास एक पेड़ से लटकी मिली। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे एक युवक प्रमोद को घर से बुलाकर ले गया था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ, तब मानी हत्या

देर रात तक वापस न आने पर परिजनों ने उसे तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इससे पहले कि परिजन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दे दी। इस दौरान पुलिस प्रमोद द्वारा आत्महत्या की कहानी गढ़ने में लग गई।

हत्या का आरोप लगाने पर परिजनों से पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा। दोपहर तीन बजे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। इसके बाद परिजनों से आनन-फानन में युवती के पिता और दो भाइयों के खिलाफ तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली।

पुलिस ने बताया कि प्रमोद 10 माह पहले जेल से छूटकर आया था। तभी से दोनों परिवार में दुश्मनी चल रही थी। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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युवती से शादी करना चाहता था

परिजनों ने बताया कि प्रमोद का युवती से प्रेम प्रसंग था। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को भी थी। प्रमोद उससे शादी करना चाहता था। लेकिन, दूसरी बिरादरी का होने के कारण युवती के परिजन नहीं माने। आरोप है कि युवती के परिजनों ने बहला-फुसलाकर प्रमोद के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

दो बार हमले में बच गया था प्रमोद
पुलिस के मुताबिक, प्रमोद के परिजनों का आरोप है कि युवती के परिवार वालों ने जेल से छूटने के बाद उस पर दो बार हमला कराया था। शिकायत पर पुलिस प्रमोद को दुष्कर्म का आरोपी बताकर थाने से भगा देती थी। पुलिस की लापरवाही के चलते प्रमोद का मर्डर हुआ।

शरीर पर चोट देखकर आत्महत्या बताया
पुलिस पहले इस मामले को आत्महत्या साबित करने में लगी रही। प्रमोद के शरीर पर चोट के दर्जनों निशान थे। इससे स्पष्ट हो रहा था कि हत्या से पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की गई थी। यह जानकर भी पुलिस अनजान बनती रही।

वहीं मामले में एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव का कहना है कि दुष्कर्म आरोपी की हत्या का मामला गंभीर है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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