सेक्टर-8 की एक आईटी कंपनी में ट्रेनिंग कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। कंपनी ने युवक को कालेज कैंपस सेलेक्शन के द्वारा चुना था।
ट्रेनिंग के बाद फाइनल सेलेक्शन के लिए होने वाले एग्जाम में वह फेल हो गया था।
जिसके बाद से उसे नौकरी से निकाले जाने का अंदेशा सता रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्महत्या की है।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कमरे में मिले उसके लैपटॉप में आत्महत्या के तरीके गूगल में सर्च किए जाने की जानकारी मिली है।
जानकारी के मुताबिक, मकान संख्या 79 सेक्टर-16 पंचकुला चंडीगढ़ निवासी सीपीडब्ल्यूडी में असिस्टेंट इंजीनियर विजय चंद का बेटा अभय चंद सेक्टर-11 के आर-24 में बतौर पीजी रह रहा था। वह सेक्टर-8 के बी ब्लाक स्थित एक कंपनी में ट्रेनिंग कर रहा था।
चंडीगढ़ में बीटेक की पढ़ाई के दौरान उसका कंपनी ने कैंपस सेलेक्शन किया था। अभय जुलाई में अपने अन्य 24 साथियों के साथ नोएडा आया था और कंपनी में ट्रेनिंग शुरू की थी। बृहस्पतिवार दोपहर उसका रूम पार्टनर राहुल जब क्रिकेट खेल कर कमरे पर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद मिला।
काफी आवाज देने के बाद जब कमरा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांक कर देखा तो अभय अलमारी में लगे कुंदे से चादर केसहारे लटका हुआ था। राहुल ने इसकी जानकारी पीजी संचालक व पड़ोस में स्थित हरिदर्शन पुलिस चौकी पर दी।
पुलिस ने कमरा का दरवाजा खोल कर अलमारी में कुंदे से लटके अभय ( 23) के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
पुलिस ने रूम पार्टनर राहुल से पूछताछ की तो उसने बताया कि चार दिन पहले कंपनी में ट्रेनिंग करने वाले सभी युवकों का नौकरी के लिए फाइनल सेलेक्शन इंटरव्यू व एग्जाम लिया गया था। 24 में से 20 लोग पास हो गए। चार लोग फेल हो गए।
जिसमें से एक अभय भी था। फेल होने के बाद से ही वह डिप्रेशन में आ गया था। ट्रेनिंग पीरियड पूरा होने के बाद उसे नौकरी से निकाले जाने का अंदेशा सताने लगा था। घटना की सूचना पाकर गुड़गांव से अभय का भाई सुनाय व अन्य रिश्तेदार चंडीगढ़ से नोएडा पहुंच गए ।
सुसाइड के लिए इंटरनेट का सहारा
बीटेक पास अभय चंद ने सुसाइड करने से पहले इंटरनेट पर आत्महत्या के तरीकों के बारे में कई साइटों पर सर्च किया। पिछले दो दिनों से वह लगातार वेबसाइटों पर सर्च कर रहा था।
फाइनल सेलेक्शन में फेल होने के बाद से उसे अपनी जिंदगी भारी लगने लगी थी।
रूम पार्टनर राहुल के मुताबिक अचानक उसकी दिनचर्या बदल गई थी। रोज सुबह क्रिकेट खेलने के लिए वह स्टेडियम जाता था लेकिन बृहस्पतिवार को उसने जाने से साफ मना कर दिया था। उसने सोचा कि परेशान है, इसलिए नहीं जाना चाहता है।
लेकिन वह उसके जाने के बाद ऐसा कदम उठायेगा, यह उसने कभी नहीं सोचा था। कमरे में रखी अलमारी के ऊपरी हिस्से में लगे हुक से चादर को बांध कर कुर्सी की मदद से फांसी लगा ली।