यूपी के आजमगढ़ में शंकरजी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को शनिवार की सुबह गोली मारने की घटना के बाद छात्रों द्वारा कालेज के पास किए गए बवाल मामले में पुलिस ने छह सौ छात्रों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
इस मामले में एसओ दीदारगंज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जबकि भागने वाले सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने दूसरे दिन रविवार को कई संदिग्धों को उठाया है।
दीदारगंज थाने के डीहकैथौली गांव निवासी प्रधानाचार्य शिवप्रसाद मिश्र को शनिवार की सुबह कॉलेज जाते समय एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने गोली मार दी थी और उनकी बाइक लूट ले गए थे। जानकारी होने पर उग्र छात्रों ने कॉलेज के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया था।
पुलिस पहुंची तो गुस्साए छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं तथा एसओ दीदारगंज कुमुद शेखर सिंह तथा सीओ फूलपुर सत्येंद्र सिंह घायल हो गए थे। इस दौरान उनके साथ के सिपाही भाग निकले थे। बाद में काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण किया गया।
मौके पर पहुंचे डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव ने जांच में पाया कि दोनों अधिकारी बगैर दंगा नियंत्रण यंत्रों के ही मौके पर पहुंचे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी राकेश चंद्र साहू ने एसओ कुमुद शेखर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
वहीं कुमुद शेखर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने छह सौ छात्रों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, उपद्रव, पुलिस पर पथराव, आगजनी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, बाइक लुटेरों का पता लगाने के क्रम में पुलिस ने रविवार को कुछ लोगों को उठाया है।