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शीना केस: इंद्राणी के फ्लैट से मिला सूटकेस, क्या है राज?

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बेहद सनसनीखेज और उलझे शीना हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को एक अहम सुराग के तौर पर उस सूटकेस को इंद्राणी के घर से बरामद कर लिया, जिसमें कथित तौर पर मिखाइल को मार कर उसकी लाश को बंद किया जाना था।
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मिखाइल ने आरोप लगाया था कि शीना को मारने से पहले इंद्राणी उसका कत्ल करना चाहती थी। इसके साथ ही पुलिस मामले के प्रमुख आरोपियों संजीव खन्ना और ड्राइवर को रायगढ़ स्थित वारदात स्थल ले गई। वहां भीड़ जमा होने की वजह से वारदात का नाट्य रूपांतरण नहीं हो सका और पुलिस बैरंग लौट आई।

इधर, शीना की लाश का ठिकाना तलाशने में पुलिस की मदद करने वाले ग्रामीण ने बताया कि पहली बार जब उसने इसे देखा तो यह कंकाल बन चुकी थी।

इंद्राणी के बेटे ने कहा था, 'मां उसे मारना चाहती थी'

ऐसी खबरें आ रही हैं कि तीन साल पहले शीना को मारने को लेकर संजीव खन्ना और इंद्राणी विरोधाभासी दावे कर रहे हैं। हालांकि पुलिस के अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं और न ही जांच की प्रगति के बारे में कुछ बता रहे हैं।

बहरहाल, इस हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब मिखाइल की ओर से कहा गया कि इंद्राणी उसकी भी हत्या करना चाहती थी और इसके लिए नशीला पेय पिलाकर बेहोश करने की कोशिश की गई थी। इंद्राणी के वर्ली स्थित फ्लैट से सूटकेस बरामद होने से मिखाइल का यह दावा पुख्ता होता जा रहा है कि वह उसे भी मार डालना चाहती थी। हालांकि पुलिस ने इस थ्योरी की पुष्टि नहीं की है।

दोपहर करीब दो बजे खार पुलिस थाने से पुलिस शीना की हत्या के आरोपी संजीव और ड्राइवर को टाटा सूमो गाड़ी में लेकर निकली लेकिन न्यूज चैनल के रिपोर्टर उनका पीछा करने लगे। मीडिया चैनलों की गाड़ियां भी लगभग पुलिस वैन के साथ-साथ थीं लेकिन खालापुर टोल नाके से पुलिस ने उन्हें चकमा देते हुए मार्ग बदल दिया।
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नाट्य रुपांतरण के लिए मौके पर पहुंची पुलिस बैरंग लौटी

देर शाम पुलिस की वैन आरोपियों को लेकर मौका ए वारदात पर पहुंच गई। लेकिन, तब तक वहां मीडियाकर्मियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। थोड़ी देर के लिए वहां पुलिस की गाड़ी रोकी गई और फिर वहां से रवाना हो गई।

पुलिस ने पेण जाते वक्त उस पेट्रोल पंप मालिक का बयान भी दर्ज किया है जहां से ड्राइवर श्याम राय ने शीना के शव को जलाने के लिए 25 अप्रैल 2012 को पेट्रोल लिया था। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि पेट्रोल पंप से 10 लीटर पेट्रोल खरीदा गया था।

इधर, शीना की लाश का ठिकाना तलाशने में पुलिस की मदद करने वाले ग्रामीण ने बताया कि पहली बार जब लाश दिखी तो सिर्फ कंकाल बचा था, जिसे स्थानीय सरकारी डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए ले गए थे।

हेतवणे गांव के पाटिल गणेश ढेणे से पुलिस ने पूछा कि उसे कंकाल का पता कैसे चला। इस पर उसने कहा था कि आम इकट्ठा करने में उसे यह दिख गया। यह सूटकेस में नहीं था। आसपास का इलाका जला हुआ था।
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