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शक्ति मिल गैंगरेप में तीन को फांसी

Fri, 04 Apr 2014 09:46 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, मुंबई
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शक्ति मिल में फोटो पत्रकार से सामूहिक बलात्कार के मामले में सुनवाई कर रही सत्र अदालत ने मामले के तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। चौथे दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। गैंगरेप में पहली बार फांसी की सजा सुनाई गई है।
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अदालत ने पिछले महीने आईपीसी की धारा 376 (ई) के तहत अतिरिक्त आरोप तय किया था। बार-बार बलात्कार करने के अपराध से जुड़े प्रावधान में अधिकतम सजा मृत्युदंड है।

प्रधान सत्र न्यायाधीश शालिनी फंसालकर-जोशी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (ई) (बलात्कार के अपराध का दोहराव) के तहत तीनों आरोपियों विजय जाधव (19), कासिम बंगाली (21) और मोहम्मद सलीम अंसारी (28) को फांसी की सजा सुनाई।
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महिला पत्रकार को बनाया था हवस का शिकार

यह मामला पिछले साल है, जब 22 अगस्त 2013 को अपने एक साथी के साथ एक महिला फोटो जर्नलिस्ट शक्ति मिल परिसर में कवरेज करने गई थी।

दरअसल, महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मिल वीरान रहती है। उस दिन शाम के 6 बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसका साथी जब वहां पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए उन्हें फोटो लेने से रोका।

उन लोगों ने कहा कि पहले आप लोग हमारे अधिकारी से इजाजत लें तब फोटो लेना। फिर वे महिला पत्रकार और उसके साथी को अंदर ले गए। अंदर ले जाकर दोनों पर हमला कर महिला पत्रकार के साथी को वहीं बांध दिया।

शक्ति मिल में एक और दरिंदगी आई सामने

दरअसल, इन आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही एक कालसेंटर में काम करने वाली टेलीफोन ऑपरेटर सामने आई और उसने भी इनमें से 3 युवकों पर उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया।

उस युवती ने पुलिस को बताया कि इनमें से तीन युवकों ने उसके साथ भी 31 जुलाई 2013 को शक्ति मिल परिसर में ही सामूहिक बलात्कार किया। उस दौरान उससे मार-पीट भी की गई थी।

इन दोनों गैंगरेप मामले में पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों पर अक्टूबर में उनके खिलाफ 362 पन्नों की चार्जशीट फाइल की थी। गैंगरेप के इन दोनों मामले में पीडितों की तरफ से सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बहस की, जिसके उपरांत कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।

पोर्न फिल्में देख आरोपी ढूंढ़ते थे शिकार

गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जो बयान दिया था, उससे साफ है कि वे सभी सेक्स को लेकर दीवाने थे और हवस मिटाने के लिए‌ शिकार तलाशा करते थे।

आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वे लोग मदनपुरा, बाइकुला और अग्रीपाड़ा में नियमित रूप से पोर्न फिल्में देखा करते थे। इसके अलावा रेड लाइट एरिया में उनका आना-जाना लगा रहता था।

आरोपी विजय जाधव, कासिम बंगाली और नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वे अकसर पॉर्न देखने जाया करते थे। पिछले हफ्ते जाधव वास्तव में ऐसे ही एक पार्लर के भीतर सोते हुए पाया गया था।
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रेप करने के बाद खाई थी पाव-भाजी

फोटो पत्रकार के साथ गैंगरेप करने वाला एक नाबा‌लिग आरोपी जब रेप के बाद अपने घर लौटा, तो उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। बल्कि उसने उस रात छककर पाव-भाजी का मजा लिया।

उसके व्यवहार से यह कतई नहीं लगा कि तीन घंटे पहले ही उसने एक युवती की जिंदगी उजाड़ी है। चिकेन काटकर पैसा कमाने वाले 16 साल के इस लड़के ने अपनी दादी और भाई के साथ पाव-भाजी का मजा लिया और चैन से सो गया।

पड़ोसियों का कहना है कि अपने मोहल्ले में 'रात के बादशाह' नाम से कुख्यात आरोपी और उसके भाई सूरज ढलने के बाद ही घर से बाहर निकलते थे। एक पड़ोसी ने बताया, 'हाल में रेलवे पुलिस ने उन्हें चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।'
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