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फेसबुक के जरिए देह व्यापार, जानिए कैसे?

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फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का दखल लोगों के निजी जीवन में बढ़ा है। इसके चलते लगातार बढ़ रहे अपराधों के कारण पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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एक नई तहकीकात में इस बात का खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया के जरिए क्राइम और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है। फेसबुक जैसी सोशल साइट का इस्तेमाल कर महिलाओं और युवतियों को फंसाने के लिए किया जा रहा है।

ऐसे रैकेट दुनिया भर में सक्रिय हैं। बुधवार को यूरोपियन पुलिस एजेंसी यूरोपोल के प्रमुख रॉब वेनराइट ने बताया कि सोशल साइट एक बड़ा सिरदर्द बन चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि रैकेट चलाने वाले लोग बच्चों की देखभाल और घरेलू कामकाज के लिए विज्ञापन जारी करते हैं और वेबचैट के जरिए सारी गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
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चैटिंग के ज‌रिए तय करते हैं ग्राहक

एचटी की खबर के अनुसार, रॉब ने लंदन के सोशल जस्टिस सेंटर में कहा कि मानव तस्करी करने वाले माफिया नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिनमें से सोशल मीडिया भी एक है। इसके जरिए वे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को फंसा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सेक्स रैकेट से जुड़ी महिलाओं और युवतियों से ये लोग रोजाना नहीं मिलते। ये लोग रोजाना वेबचैट या वेबकैम के जरिए लाइव चैट करके ग्राहकों से जगह और पैसे तय करते हैं।

काम के बहाने महिलाओं और युवतियों को फंसाकर ये लोग उन्हें कैद कर लेते हैं और फिर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करते हैं।

इस धंधे में शामिल लोग पहले खुद जाकर ग्राहकों और महिलाओं से मिलते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। सोशल साइट्स ने उनका काम आसान किया है लेकिन इससे पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
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इनकी आमदनी होश उड़ा देगी आपके!

पुलिस प्रमुख ने बताया कि आपराधिक गैंग 'लो रिस्क और हाई प्रॉफिट' के नजरिए से काम करते ‌हैं और उनकी साल भर की कमाई 9 अरब से भी ज्यादा होती है।

यूरोप में पकड़ी गईं करीब 5 लाख महिलाओं में से ज्यादातर रोमानिया, बल्गारिया और हंगरी के अलावा ‌ब्रिटेन, जर्मनी, बेल्जियम और नीदरलैंड की हैं। रॉब ने इसे अंतरराष्ट्रीय समस्या बताते हुए सभी से आगे बढ़कर इसे सुलझाने की अपील की है।

ताजा मामलों में देखा गया है कि गैंग चलाने वाले लोग महिलाओं और युवतियों को बंधक बना लेते हैं और फिर उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर करते हैं।

रॉब ने कहा कि यह एक भयंकर समस्या बने इसके पहले ही इसे खत्म करना होगा। इसके सभी देशों को साथ आने की जरूरत है।
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