गांव में अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए एक पिता ने बेहद ही खौफनाक साजिश रची। उसने पांच साल की अपनी मासूम बेटी को चारपाई के पाए पर पटक मार डाला। और आरोप दुश्मनों पर मढ़ दिया।
लेकिन पुलिस जांच में उसकी साजिश का पर्दाफाश हो गया और कोर्ट ने उसे 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले का है।
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दुश्मनों पर कत्ल का आरोप
गांव चकदेवली के चौकीदार दर्शन लाल ने सात अक्तूबर, 2009 को कब्रिस्तान के किनारे एक खेत में करीब चार-पांच वर्ष की लड़की की लाश पड़ी होने की सूचना दी थी। लाश को जानवरों ने खाया हुआ था।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो मृतका लड़की की पहचान गांव के ही मुस्तकीम की बेटी आयशा के रूप में हुई। आयशा की मां आसिदा ने गांव के नदीम पर रंजिशन उसकी बेटी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
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कुछ और ही सामने आई सच्चाई
पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई। जांच में पाया गया कि आयशा के पिता मुस्तकीम ने नदीम और उसके पिता तौसीफ को फंसाने के लिए अपनी बेटी को चारपाई के पाए पर पटक कर मार डाला। फिर लाश को जंगल में फेंक दिया।
सजा
सहायक शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद फारुख ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के बाद मुस्तकीम को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायधीश चवन प्रकाश ने धारा 304 में दस वर्ष सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।