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RTI कार्यकर्ता के गुप्तांग को सिगरेट से दागा

Fri, 20 Dec 2013 08:14 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से एक आरटीआई कार्यकर्ता की जान पर बन आई। कुछ बदमाशों ने उसे अगवा कर लिया और उससे हैवानियत पर उतर आए।
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उन लोगों ने आरटीआई कार्यकर्ता की लोहे की छड़ से पिटाई की। उसके लिंग, पैर, चेहरे, जांघ और सीने समेत 40 जगह सिगरेट से जलाया। चार दिन तक शारीरिक प्रताड़ना के बाद उसे एक पेट्रोल पंप के पास फेंक दिया।

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एचटी के मुताबकि उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर के रहने वाले 29 वर्षीय अनूप सिंह को 13 दिसंबर को अगवा कर लिया गया था। (फोटो: एचटी)

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन वह इसे नियमित अपराध की श्रेणी में रख कर जांच कर रही है।

दनकौर के एसएचओ शैलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बदमाशों ने पीड़ित के शरीर को संभवतः सिगरेट से जलाया है। लेकिन यह सामान्य बात है। मामले की जांच की जा रही है।
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अनूप के घरवालों ने बताया कि स्थानीय पंचायत उन पर एफआईआर वापस लेने के लिए दबाव बना रही है।

निर्माण कार्य पर उठाया था सवाल
अनूप दनकौर भाजपा ईकाई का उपाध्यक्ष है। उसने पिछले कुछ सालों में अपने आस-पास के इलाकों में बनने वाली सरकारी परियोजनाओं को लेकर कई आरटीआई आवेदन डाले थे। जिससे उसे अपने क्षेत्र में एक नई पहचान मिली।

उसके परिजनों ने बताया कि सड़क निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार ने उसे धमकी दी थी। क्योंकि अक्टूबर में उसने यमुना विकास प्राधिकरण में एक आरटीआई दाखिल की थी, जिसके बाद पास के सिख गांव में ठेकेदार ने जो निर्माण कराया था उसकी जांच शुरू हो गई।

परिजनों ने बताया कि अनूप ने ही सबसे पहले घटिया निर्माण को लेकर आवाज उठाई थी। उसके बाद उसने आरटीआई के जरिए निर्माण से जुड़ी सभी जानकारियां प्राधिकरण से मांगी। जब प्राधिकरण ने जवाब नहीं दिया तो उसने दोबारा आरटीआई दाखिल की।

बाद में अनूप ने निर्माण से जुड़ी जांच से संतुष्ट न होने पर जिले के एसएसपी, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री के सामने इस मामले को उठाया। उसके एक महीने बाद ही उसे अगवा कर लिया गया।

'रॉड से पिटते थे'
अनूप ने बताया कि सिख गांव से वह 13 दिसंबर को बाइक से दनकौर आ रहा था। कुछ दूर आने पर एक एसयूवी ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हथियारों से लैस पांच लोगों ने उसे पिटा और चार दिन तक उसे बंधक बनाए रखा। कुछ भी खाने को नहीं दिया। रोज रॉड से पिटते थे और सिगरेट से जलाते थे।
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अनूप के चाचा ने बताया कि उसकी हर जगह तलाश की गई। जब कुछ सुराग नहीं मिला तो थाने में मामला दर्ज कराया। 16 दिसंबर की रात उसे बुलंदशहर के जहांगीरबाद में एक पेट्रोल पंप के पास फेंक गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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