ईश्वर के यहां देर है अंधेर नहीं। ये कहावत टेक्सास में तब चरितार्थ हुई जब 1980 में एक अनाथ बच्चे के यौन शोषण का मामला अब अदालत में पहुंचा और उसकी सुनवाई शुरू हुई। 1980 में पादरी की ट्रेनिंग ले रहे एक आदमी ने चर्च में पढ़ने वाले एक बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न किया। बच्चे ने जब इसकी शिकायत चर्च के अधिकारियों से की तो उन्होंने भी मामले को दबा दिया लेकिन अब इतने सालों बाद यह मामला बाहर आया है।
टेक्सास के दो पादरियों पर एक अनाथ लड़के का यौन उन्पीड़न करने का आरोप लगा है। 1980 में पीड़ित एक बालक था और चर्च में पढ़ने जाया करता था। उस वक्त पादरी की ट्रेनिंग ले रहे आरोपी जीसस डोमिंगस ने लड़के को कपड़े दिलाने और फिल्म दिखाने के बहाने विश्वास में लिया और दो साल तक उसका उत्पीड़न किया। दर्ज मुकदमें के अनुसार कैलिफोर्नया में दोषी ठहराए गए आरोपी ने हादसे के वक्त पीड़ित के सवाल करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
डेली न्यूज की खबर के मुताबिक पीड़ित अब बालिग हो चुका है और बचपन में अपने साथ हुए इस हादसे के लिए सैन एन्टोनियो के प्रधान पादरी को जिम्मेदार मानता है। वह कहता है कि यह एक ऐसा डरावना सपना है जो उसे आज तक डराता है। उसने दावा किया कि हादसे के समय जब उसने चर्च के एक अधिकारी की मदद लेनी चाही तो उसने भी उसे धुतकार दिया इसलिए उसे दूसरे चर्च के पादरी के पास जाना पड़ा। मामले के अनुसार दूसरे पुजारी ने भी पीड़ित का यौन उन्पीड़न किया था। प्रधान पादरी ने अभी इस मामले में कोई टिपण्णी नहीं की है।