एक धार्मिक स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर के असली प्रोफेशन का भंडाफोड़ होने के बाद खलबली मच गई। दरअसल, टीचर के कुछ वीडियो सामने आने के बाद पता चला कि असल में वह एक पोर्न स्टार है।
हालांकि इसका भंडाफोड़ होने के बाद भी महिला ने कहा कि वह धार्मिक मान्यताओं का प्रचार कर रही है।
छानबीन में पता चला कि आरोपी टीचर पोर्नोग्राफी के पेशे में करीब 14 साल से जुड़ी है और उसने म्यूनिख में एक कंपनी के साथ काम किया। पोर्न स्टार का नाम जूलिया पिंक बताया जा रहा है।
38 वर्षीय पिंक ने अक्षम बच्चों को युवाओं को भी पढ़ाया। हालांकि इस दौरान उसने पोर्न स्टार के तौर पर काम जारी रखा।
पोर्नोग्राफी में अवार्ड मिलने पर हुआ भंडाफोड़
मिरर के अनुसार, आरोपी महिला टीचर की करतूत का भंडाफोड़ तब हुआ जब उसे वीनस पोर्न फेयर में 'शूटिंग स्टार' अवार्ड दिया गया। अवार्ड मिलने के बाद वह चर्चा में आ गई और उसकी पोल खुल गई।
मामला सामने आने के बाद चर्च ने आरोपी टीचर को बिना किसी नोटिस के नौकरी से निकाल दिया। चर्च के प्रवक्ता ने बताया कि महिला का दूसरा प्रोफेशन उनके धर्म के संदेश से मेल नहीं खाता, इसलिए उसे निकाल दिया गया।
हालांकि टीचर ने इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस के उसे बाहर किया जाना गलत है लेकिन जिस वजह से उसे हटाया गया है वह वाजिब है।
पढ़िए, क्या बोली, पोर्न स्टार टीचर?
फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि टीचर कई सालों से पोर्नोग्राफी से जुड़ी हुई है और उसका ये काम चर्च के नियमों के खिलाफ है। ऐसे में उसका हटाया जाना ठीक है।
कोर्ट के फैसले के बाद टीचर ने कहा कि वह पोर्न फिल्में करती है इसका ये मतलब नहीं है कि वह बच्चों को पढ़ा नहीं सकती और धर्म का प्रचार नहीं कर सकती।
महिला से अपने बच्चों को पढ़ाने वाले एक दंपति ने कहा कि बहुत से लोग पोर्न फिल्में देखते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि वे अपने बच्चों की परवरिश नहीं करते। इसलिए टीचर को निकाला जाना गलत है। इस मामले में पोर्न स्टार ने कहा है कि वह अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेगी।