यूपी के कोसीकलां में कोटवन पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही सतीश चंद्र यादव की बुधवार सुबह सरियों से पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बदमाश उनके शव को कोटवन औद्योगिक क्षेत्र के नाले में फेंक गए। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीआईजी, एसएसपी मौके पर पहुंच गईं। साथी पुलिस कर्मियों के बयान और एफआईआर में विरोधाभास देख परिवारीजनों ने दोपहर बाद मथुरा में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जाम लगा दिया। घटना में शराब माफियाओं का हाथ होने की संभावनाएं जताई जा रही है।
सतीश चंद्र यादव पुत्र भगत सिंह मूल रूप से गांव टीकरी, थाना नगला सिंघी फीरोजाबाद के रहने वाले थे। 1991 में वह पुलिस में भर्ती हुए थे और इस समय उनकी तैनाती कोटवन पुलिस चौकी पर थी। वह करीब 5:45 बजे चाय पीने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में एक दुकान पर गए थे। आधे घंटे बाद ही लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर औद्योगिक क्षेत्र कोटवन नाले में उनकी लाश पड़ी मिली। पास में स्थित सनत एग्रो फैक्ट्री के चौकीदार योगेश ने बताया कि वह सुबह शौच के लिए जा रहे थे, तभी कुछ लोगों को एक सफेद गाड़ी में से शव फेंककर भागते हुए देखा।
मौके पर शराब की बोतल पड़ी थी और सड़क पर भी शराब फैली हुई थी। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने शव को नाले से निकलवाकर लाइफ लाइन हास्पिटल पहुंचा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने नाले में छानबीन कराई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छानबीन के दौरान नाले में पड़ा एक लिफाफा फट गया और उससे कुछ पांच पांच सौ के नोट निकलकर पानी के ऊपर तैरने लगे। हालांकि पुलिस इस तरह से नोट मिलने से साफ इनकार कर रही है।