अश्लील एमएमएस के नाम पर कारपेट एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड कंपनी का कंप्यूटर ऑपरेटर निकला। उसने अपने मौसेरे भाई के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा था। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
गिरफ्तार युवक उद्योगपति को महिला बनकर ब्लैकमेल कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि युवकों ने उद्योगपति को अश्लील एमएमएस के नाम पर ब्लैकमेल किया था।
युवक उद्योगपति को उनकी ऑफिशियल मेल आईडी पर मेल भेजकर उनसे 10 लाख रुपये फिरौती मांग रहा है। मेल भेजने वाला हर बार अलग-अलग मेल आईडी का इस्तेमाल करता है।
एक मेल में उसने खुद को महिला बताकर फिरौती मांगने वालों को 10 लाख रुपये देने की वकालत की।
एक अन्य मेल में फिरौती मांगने वाले अपने आप को महिला का भाई बताकर बहन की इज्जत के बदले 10 लाख रुपये की मांग की। इस दौरान आरोपियों ने नौ बार मेल भेजे और चार बार अलग-अलग नंबरों से फोन किए।
फोन पर उससे निकटता दिखाने की कोशिश की गई। यहां तक कि उसके बेटे के स्कूल का नाम बताकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। उसके मना करने पर इन लोगों ने फिरौती की रकम 10 से 12 लाख रुपये कर दी।
पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस की दो टीमें गठित की गईं। साइबर सेल और एक्सपर्ट की मदद से मेल आईडी आदि की गहनता से जांच की गई। गुड़गांव के अलावा फोन कॉल्स मेरठ से आ रही थी।
एक टीम मेरठ रवाना की गई। शक के आधार पर कंपनी के कंप्यूटर ऑपरेटर, मदनगिरी दिल्ली निवासी अनिल कश्यप पर नजर रखी गई। उसकी स्थिति संदिग्ध लगी तो उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
कंपनी की जिन बाइकों का जिक्र उन्होंने मेल आईडी में किया उनमें से एक अनिल की ही है। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पूरी कहानी पुलिस को बता दी।
तब तक पुलिस ने मेरठ से उसके मौसेरे भाई निखिल को भी गिरफ्तार कर लिया।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के पास किसी प्रकार का कोई एमएमएस नहीं है। यह कंपनी मालिक के दिल में झूठा डर पैदा कर रकम हड़पना चाहते थे।