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पुलिस ने नहीं लिखी रेप की रिपोर्ट तो खाया जहर

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यूपी में एक तरफ पुलिस के आला अधिकारी हिदायत दे रहे हैं कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध में पुलिस संवेदनशील बने और अधीनस्थ हैं कि मामलों को दबाने में लगे हुए हैं। मामला फरीदपुर का है जहां पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया है।
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एक दिन पहले आरोपी और उसके हिस्ट्रीशीटर साथी के खिलाफ दुराचार की नामजद तहरीर दिए जाने के बाद भी पुलिस ने अनदेखी कर दी। इससे डिप्रेशन में आई दुराचार का आरोप लगाने वाली किशोरी ने सोमवार दोपहर विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की।

किशोरी को स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह अभी होश में नहीं आई है। फरीदपुर पुलिस ने मामले में नामजद हिस्ट्रीशीटर को थाने में बैठा रखा है लेकिन वह उसे दूसरे मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की बात कह रही है।
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मामला दबाने में लगी पुलिस, घटना से इंकार

थाना पुलिस दुराचार की घटना से इंकार करने के साथ किशोरी के विषाक्त पदार्थ खाए जाने के मामले से भी अनभिज्ञता जता रही है।

उधर, मामले में पीड़ित किशोरी के भाई का कहना है कि उसने रविवार दोपहर कोतवाली में तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार 16 अगस्त की शाम को उसकी 15 वर्षीय बहन शौच के लिए खेतों में गई थी। देर रात तक वापस नहीं आने पर परिवार वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की।

रातभर किशोरी का पता नहीं चला। रविवार सुबह वह बदहवास हालत में गांव के ही एक गन्ने के खेत में पड़ी मिली। किशोरी ने भाई को बताया कि गांव के ही एक युवक ने उसे पकड़ कर खेत में उसके साथ दुराचार किया। आरोपी का हिस्ट्रीशीटर साथी बंदूक लिए वहां खड़ा था। घटना के बाद दोनों भाग गए।
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किशोरी के भाई ने दी थी तहरीर

बताते हैं कि किशोरी के भाई की ओर से तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने मामले को हल्के में लिया और रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

वहीं, एसपी देहात ब्रजेश श्रीवास्तव का कहना है कि फरीदपुर पुलिस ने ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं दी है। दुराचार का मामला है तो प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए थी। मामले की जानकारी के लिए सीओ को अस्पताल में भेजा गया है। कल रिपोर्ट देखकर कार्रवाई होगी।

जबकि फरीदपुर प्रभारी निरीक्षक जेपी तिवारी का कहना है कि हमारे क्षेत्र में किशोरी से दुराचार की कोई घटना नहीं हुई है। ऐसी कोई तहरीर भी नहीं मिली है। हिस्ट्रीशीटर को बंदूक चोरी के एक पुराने मामले में पूछताछ के मामले में पकड़ा गया है।
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