अपने सीनियर द्वारा उत्पीड़न का विरोध जताने पर जिंदा जला दी जाने वाली एक टीचर ने पास के राज्य आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को दम तोड़ दिया।
यह 36 वर्षीय महिला पांच दिन मौत के साथ संघर्ष करती रही। रविवार की रात को 90 फीसदी जल जाने की हालत में महिला को विशाखापटनम के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने बताया कि पुरी जिले के देलांग क्षेत्र की यह टीचर रायगढ़ जिले के टिकरी स्थित प्राइमरी स्कूल में नियुक्त थी। इसी दौरान स्कूलों के सब इंस्पेक्टर नेत्रानंद दंडसेना ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी।
गत 30 अक्तूबर को पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया था। वह लगातार महिला पर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। लेकिन महिला टीचर के ऐसा न करने पर उसने किराए के गुंडों की मदद से उसे जिंदा जलवा दिया।
राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने महिला टीचर के परिवार को 10 लाख रुपये देने की घोषणा के साथ यह भी कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। इस घटना को लेकर जनता में काफी रोष है और मुख्यमंत्री ने भी इस घटना को अमानवीय और बर्बर बताया।
इस मामले में दंडसेना को गिरफ्तार न करने के आरोप में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस एमडी प्रधान और स्कूलों के जिला इंस्पेक्टर डीडी बेहेरा को भी सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दंडसेना के खिलाफ केस 18 जुलाई को दर्ज कराया गया था, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।