देश के बच्चे खतरे में हैं। उन पर अपराधियों का साया मंडरा रहा है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से 2013 में जारी किए कए आंकड़े बता रहे हैं।
सोमवार को बेंगलुरु के एक स्कूल में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है जिसने हम सबको शर्मसार कर दिया है। लेकिन मासूमों के यौन शोषण का यह एक अकेला मामला नहीं है बल्कि यहां ज्यादातर अपराध बच्चों के खिलाफ ही होते हैं। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह भी है कि हर साल बच्चों के यौन शोषण के प्रतिशत की दर भी तेजी से बढ़ रही है।
एनसीआरबी की ओर से 2013 में जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे में देश में बच्चों के खिलाफ 58,422 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलो में 48.4 प्रतिशत अपहरण, 21.2 प्रतिशत रेप, 2.8 प्रतिशत हत्या, 1.6 प्रतिशत जोखिम और परित्याग और 25.9 प्रतिशत अन्य अपराध किए जाते हैं।