आगरा में शाहगंज के तमोली पाड़ा में दबंगों ने एक जूता कारीगर को छेड़खानी के शक में पीटकर हत्या कर दी। आरोपी परिवार सहित फरार हो गए। गुरुवार शाम बस्ती के लोगों ने शव को शाहगंज थाने के बाहर रख जाम लगा दिया।
भारी हंगामे के बाद पुलिस ने एक महिला समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की। हालांकि पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला।
तमोली पाड़ा का जीतू (22, पुत्र बलवीर) जूता कारीगर था। बड़े भाई छोटू ने बताया कि उनके पड़ोस में जूता कारखाना संचालक मुकेश रहता है। बुधवार शाम तकरीबन छह बजे उनकी मां मुन्नी देवी बाजार गई थी। जीतू घर के बाहर खड़ा था। तभी मुकेश के परिवार की एक किशोरी वहां से गुजरी।
किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि जीतू ने बेटी के साथ छेड़खानी की है। वह चप्पल से जीतू पीटने लगी। तभी बस्ती का दबंग संजय भी चार-पांच दोस्तों के साथ आया। जीतू को घर से बाहर खींचकर लात-घूंसों, फिर मोंगरी से पीटा। बेहोश होने पर पानी डालकर होश में लाया और फिर पीटा। जीतू गंभीर रूप से घायल हो गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ नया खुलासा
रात में हालत बिगड़ने पर घरवाले उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां से एसएन मेडिकल कालेज भेजा गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। जानकारी पर मोहल्ले के लोगों में आक्रोश फैल गया। तब आरोपी परिवार सहित भाग निकले।
गुरुवार की शाम को बस्ती के लोगों ने थाना शाहगंज के सामने शव रखकर जाम लगा दिया। वे मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद करने की बात कह रही थी।
इस मामले में जीतू के भाई दीपक ने मोहल्ले के संजय, मुकेश, दीपू, महेंद्र और इंदिरा देवी के खिलाफ तहरीर दी। एसएसपी राजेश मोदक के मुताबिक, मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हार्ट अटैक आया है।
घटना का वीडियो हुआ वायरल
शाहगंज के तमोली पाड़ा में जूता कारीगर जीतू की हत्या करने का आरोपी कारखाना संचालक और उसके भाइयों की दबंगई के आगे मोहल्ले में कोई मुंह नहीं खोलता। लोगों ने बताया कि आरोपियों ने धमकी दी थी कि अगर, किसी ने पुलिस से शिकायत की तो उसका भी हश्र यही होगा। इसी डर से कोई जीतू को बचाने नहीं आया।
जीतू चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। परिवार किराये के मकान में रहता है। बुधवार शाम को जब उसकी पिटाई हो रही थी, मां मुन्नी देवी भी आ गई थीं। उन्होंने विरोध किया तो हमलावरों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और गालीगलौज की।
मारपीट की घटना की कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो क्लीपिंग भी बना ली। लेकिन, पुलिस यह मानने को ही तैयार नहीं है कि जीतू की हत्या हुई है। क्लीपिंग में जीतू को पकड़कर ले जाने और मारपीट साफ दिख रही है। यह क्लीपिंग कुछ ही देर में वायरल हो गई। पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं।