उत्तर प्रदेश के बेवर (मैनपुरी) में तीन दिन से लापता चल रही बालिका का शव बुधवार को थाने के पास एक खाली प्लाट में पड़ा मिला। हत्यारों ने उसके साथ दरिंदों जैसा व्यवहार किया गया।
हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म कि या, उसका एक कान, हाथ और पैर काट दिया था। परिवारीजनों ने चार पड़ोसियों को दबोच लिया और उन पर बालिका की नरबलि देने का आरोप लगाते हुए पीटने लगे।
पुलिस ने आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया तो लोग भड़क उठे और पुलिस के साथ भी हाथापाई की गई। पुलिस मुश्किल से इन्हें अपने कब्जे में ले पाई। घटना से गुस्साए लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। डीएम, एसपी ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
मदरसे में पढ़ने गई, रास्ते से गायब
बेवर के मोहल्ला ब्रह्मनान की यह बालिका सोमवार को मदरसे में पढ़ने गए थी और वहां से वापस लौटते समय रास्ते में गायब हो गई थी। उसका पता नहीं चलने पर परिवारीजनों ने मंगलवार को इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी थी।
बुधवार सुबह लोगों ने थाने और खिलाड़ी गैस एजेंसी के नजदीक खाली प्लाट में बालिका का क्षत-विक्षत शव मिला। पकड़े गए आरोपियों में जलालुद्दीन और उसके बेटे अफसर अली, आबिद अली उर्फ बबलू, चांद मियां उर्फ नन्नू और हज्जू पुत्र अशफाक है।
पुलिस को दी गई शिकायत में परिवारीजनों ने बालिका के गायब होने के पीछे इन्हीं का हाथ होने की आशंका जताई थी, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने इनसे पूछताछ की जहमत नहीं उठाई।
तंत्र-मंत्र में बलि देने की आशंका
इसको लेकर भी परिवारीजनों में गुस्सा था। जानकारी मिलते ही डीएम चंद्रपाल सिंह और एसपी राकेश शंकर जिले भर की फोर्स समेत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग कुछ सुनने के लिए तैयार नहीं थे।
इसी दौरान बालिका के पिता ने आरोपियों के खिलाफ बालिका को अगवा कर हत्या करने की तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद लोगों ने जाम खोला। एएसपी एसएन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया ये जादू-टोने के दौरान हत्या का मामला लग रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
लापता बच्ची के मामले में यदि पुलिस लापरवाही नहीं बरतती तो शायद उसकी जान बच जाती। परिवारीजनों ने मंगलवार की शाम ही शक के आधार पर एक आरोपी को पुलिस को सौंप दिया था। हालांकि कुछ देर थाने में बैठने के बाद पुलिस ने उसे व अन्य लोगों को छोड़ दिया। यही कारण रहा कि बच्ची का शव मिलने के बाद लोगों में पुलिस के प्रति जबरदस्त आक्रोश था।