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हत्या के बाद कुएं में फेंकी बच्चे की लाश

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जौनपुर में सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जंगीपुर खुर्द निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य रियाजुद्दीन के दो दिन से लापता दस वर्षीय पुत्र की हत्या कर दी गई। उसकी लाश गुरुवार को पंचहटिया के समीप कुएं में मिली।
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जानकारी होने पर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने आरोपी किशोर के घर धावा बोलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और पीएसी ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने अपहरण के केस को हत्या में तब्दील कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

क्षेत्र पंचायत सदस्य रियाजुद्दीन सलमानी का पुत्र शाहबाज भकुरा मोड़ स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। 27 जनवरी को दिन के 11 बजे वह साइकिल का पंचर बनवाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। घर वालों ने पुलिस को दी गई तहरीर में एक किशोर पर शक जताया था।
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सिर पर थी टोपी, जबड़े पर चोट

कुछ ग्रामीणों ने भी बताया था कि शाहबाज गांव के बाहर एक किशोर के साथ देखा गया था। पुलिस के मुताबिक अगले दिन बुधवार को उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। संदेह के आधार पर पुलिस ढूंढते हुए लाइन बाजार थानाक्षेत्र के राजा साहब पोखरे के समीप पहुंची तो कुएं में उसकी लाश मिली।

शाहबाज के सिर पर टोपी लगी थी और पैर में चप्पल थी। उसके गले और निचले जबड़े पर चोट के निशान मिले। पुलिस ने आरोपी को लखनपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शाहबाज की लाश कुएं में फेंकने के बाद उसकी साइकिल चौकिया स्थित एक मिठाई के दुकानदार को बेच दी थी।

शाहबाज की हत्या की खबर मिलने के बाद घर के लोग और ग्रामीण आरोपी के घर की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस और पीएसी के जवानों ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने आरोपी के घर वालों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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गहराया हत्या का राज

ऑटो से जब उन्हें ले जाया जा रहा था, तब भी बालक के घर वालों और ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। सरायख्वाजा थानाध्यक्ष डा. वीके उपाध्याय ने कहा कि इस मामले में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। लाश मिलने के बाद उसे हत्या में तब्दील कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य के पुत्र शाहबाज की हत्या की वजह का खुलासा तो नहीं हो सका, लेकिन तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक 17 साल का किशोर अकेले हत्या नहीं कर सकता। इसमें अन्य लोगों के भी संलिप्त होने की आशंका है। अपहरण के बाद बालक की हत्या कर दी गई, फिरौती की मांग नहीं की गई।

आशंका है कि अपनी साजिश में असफल होते अपहर्ताओं ने खुद को बचाने के लिए छात्र को ठिकाने लगा दिया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की छानबीन के बाद ही असलियत सामने आएगी। शाहबाज की चार बहनें और एक छोटा भाई है।
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