शादीशुदा टीचर पर एक 13 साल के लड़के साथ तीन बार अलग अलग अवसरों पर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा था जिसे अब अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत से बरी किए जाने की खबर मिलते ही टीचर के आंसू छलक आए।
लंदन के एक स्कूल में सहायक शिक्षक के तौर पर तैनात 36 वर्षीय लुईस अस्पिनल पर स्कूल के ही एक 13 साल के लड़के का तीन बार बलात्कार करने का आरोप था। डेली मेल के अनुसार, पीड़ित लड़के ने अपने बड़े भाई से बताया कि उसकी टीचर ने पिछले साल वेलेंटाइन डे के मौके पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। लेकिन वह इसके बारे में अपने मम्मी पापा को नहीं बता सकता।
पीड़ित छात्र ने मजाक में अपने दोस्तों से टीचर के साथ बने संबंधों और अफेयर के बारे में चर्चा करता था। इसके बाद मामले की जानकारी बच्चे के माता पिता को हुई तो टीचर के खिलाफ बच्चे यौर शोषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह टीचर दो बच्चों की मां भी है।
लड़के साथ संबंध बनाने से प्रेग्नेंट हुई टीचर?
पीड़ित लड़के ने अपने दोस्तों से यह भी बताया कि उसकी टीचर ने उसे बताया है कि उसका वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं चल रहा जिससे वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहती है।
गजब बात यह है कि लड़के ने अपने दोस्तों से यह भी दावा का रहा था कि उसके साथ संबंध बनाने से उसकी टीचर प्रेगनेंट भी है। हालांकि अदालत ने माना कि लड़का अपने दोस्तों प्रभावित करने के लिए महिला संबंधों की बातें करता था।
वहीं महिला के खिलाफ पुलिस में जब शिकायत हुई तो उसके खिलाफ बच्चे का यौन शोषण सहित सात मामले दर्ज किए गए। लेनिक महिला ने अदालत को बताया कि पर्निसियस लाईज नाम की बीमारी से पीड़ित है इसलिए उसके खिलाफ लगे आरोप झूठे हैं।
टीचर पर कामेच्छा कंट्रोल न कर पाने का आरोप
वहीं टीचर की दलीलों का जवाब देते हुए पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि महिला हवस की इतनी भूखी थी कि वह अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पाई और नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
लेकिन दोनों पक्षों की दलीलों के बाद जज ने माना कि किशोर ने मजाक में महिला के खिलाफ गलत बातें फैलाई हैं। टीचर ने कोर्ट को बताया कि लड़के ने अपने दोस्तों के बीच इसलिए गलफ अफवाह फैला रहा था कि ताकि उसका प्रभाव जम सके।
वहीं अदालत में गवाह के तौर पर मौजूद रहे लड़के दोस्तों ने बताया कि जब वह लड़का महिला से संबंधों के बारे में बताथा तब वो काफी खुश नजर आता आया करता था और काफी अभिमान महसूस करता था। गौरतलब है कि इन तमाम दलीलों के बाद अदालत ने महिला को बरी कर दिया।