छेड़खानी के विरोध में लड़की की मां के पीटने पर गुस्साए युवक ने सोमवार सुबह घर में घुसकर किशोरी के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। ग्रामीणों ने आग बुझाकर 17 वर्षीय किशोरी को 90 फीसदी जली हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी मौत हो गई।
आरोपी ने एक दिन पहले किशोरी से छेड़खानी की थी जिस पर लड़की की मां ने आरोपी के घर जाकर उसको थप्पड़ मार दिया था। किशोरी की पिता की तहरीर पर रोजा पुलिस ने छेड़खानी और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
किशोरी के पिता के अनुसार उनकी बेटी रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे खेत की तरफ गई थी। गांव के ही रहने वाले युवक योगेश ने लड़की के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। किशोरी के शोर मचाने पर उधर से गुजर रही दो महिलाओं ने किशोरी को बचाया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
घर पहुंच कर किशोरी ने मां को घटना की जानकारी दी। इस पर किशोरी की मां ने योगेश के घर पहुंचकर उसको थप्पड़ मार दिया। इससे बौखलाए योगेश ने किशोरी की मां को अंजाम भुगतने की धमकी दी। सोमवार सुबह किशोरी के माता-पिता परिवार के साथ फसल काटने चले गए। घर में किशोरी और उसकी 10 वर्षीय बहन थी।
करीब साढे़ सात बजे किशोरी ने अपनी छोटी बहन को दुकान से दाल लाने भेज दिया और खुद आंगन में बैठकर बर्तन साफ करने लगी। इसी बीच योगेश घर में घुस आया और मिट्टी के तेल से भरी केन किशोरी पर उड़ेल दी। वह जब तक कुछ समझ पाती, योगेश ने माचिस से आग लगा दी।
किशोरी जान बचाने के लिए घर से बाहर भागी और करीब 70 मीटर आगे जाकर गिर पड़ी। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान शाम साढ़े सात बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी और उसका परिवार घर में ताला डालकर फरार हो गए।
आरोपी को क्यों बचा रही है पुलिस?
एक दिन पहले छेड़खानी के मामले में खामोश रहने वाली रोजा पुलिस घटना के बाद उसे हल्का करने की कोशिश करने में लगी रही। रविवार को जब किशोरी के परिवार वालों ने थाने में जब सूचना दी तो पुलिस ने कह दिया का सुबह थाने आ जाना। पुलिस रविवार शाम को ही गांव चली जाती तो सोमवार सुबह यह हादसा नहीं होता।
इसके बाद पुलिस मामले को हल्का करने में लग गई। किशोरी ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा है कि छेड़खानी के विरोध पर योगेश ने घर में घुसकर उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
वहीं पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी के इस बयान को नकार दिया है और लड़की की पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा लिखा।
साथ ही उसे बालिग मानकर पाक्सो एक्ट की धाराएं भी नहीं लगाई हैं। बकौल रोजा इंस्पेक्टर आरएन चौधरी, जांच में पाया गया कि किशोरी ने छेड़खानी से परेशान होकर खुद आग लगाई है।
पुलिस ने एक और पेंच फंसाया?
एएसपी सिटी राजेश कुमार ने कहा कि स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर लड़की की उम्र 21 वर्ष है। मजिस्ट्रेट को दिए गए लड़की के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा धारा 304 से तरमीम कर दिया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
योगेश के खिलाफ छेड़खानी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहल उसने गांव की एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी। पीड़ित परिवार ने शिकायत की थी लेकिन मामले को निपटा दिया गया। योगेश एक अन्य लड़की को भी बहला फुसलाकर ले गया था। यह शिकायत भी पुलिस ने लीपापोती कर निपटा दी।
ग्रामीणों का कहना है कि योगेश शराब पीकर गांव में आए दिन बवाल करता है। खुलेआम जुआ करवाता है। चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को भी अंजाम दे चुका है लेकिन पुलिस से सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को हुई घटना के मामले में भी पुलिस कई घंटों तक अनभिज्ञता जताती रही।