हाई प्रोफाइल शीना मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस को पीटर मुखर्जी के बेटे और शीना के प्रेमी राहुल मुखर्जी ने बताया है कि जब वह और शीना मिले थे तो दोनों को प्यार हो गया था।
दोनों का प्यार इतना गहरा हो गया था उन दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का निर्णय ले लिया था। लेकिन निर्दयी लोगों के कारण उनका प्यार एक दूसरे का जीवन-साथी नहीं बना सका।
इतना ही नहीं पूछताछ में शीना के ब्वॉयफ्रेंड राहुल ने अपने और शीना के रिश्तों के बारे में वो बातें भी बताई हैं जो किसी के भी दिल को छू सकती हैं। आगे पढ़िए कि राहुल और शीना कैसे प्यार हुआ?
2008 में पहली दफा मिले शीना-राहुल
एनडीटीवी के अनुसार, राहुल ने जांच अधिकारियों को बताया कि वह पहली बार शीना से 2008 में तब मिला था जब वह मुंबई में वर्ली स्थित अपने पिता के घर रहने लगा था। शीना यहां पहले से रहती थी इसलिए यहां पर उसकी मुलाकात शीना से हो गई।
राहुल ने कहा, 'हम फिर जल्दी-जल्दी मिलने लगे और फिर दोनों में दोस्ती हो गई।' इस दौरान मुंबई में एक महीने रुकने के बाद राहुल लंदन चला गया और फिर वहां से कुछ महीने बाद लौटा।
राहुल जब लंदन से लौटकर आया तो शीना की मां इंद्राणी को उसे कुछ शक हुआ और उसने पीटर से कहा कि वह राहुल को बोले कि वह किसी दूसरी जगह रहे। इसके बाद राहुल ढाडा इलाके में फ्लैट लेकर रहने लगा।
नौकरी लगी और फिर.. प्यार हो गया
राहुल ने पुलिस को बताया कि जब वह दूसरे इलाके में रहने लगा तो उसके पिता की मदद से उसकी नौकरी लग गई और फिर वह शीना से फिर से जल्दी-जल्दी मिलने लगा। फिर धीरे दोनों को प्यार हो गया।
राहुल ने बताया कि एक दिन शीना उसके पास आई और कहा कि वह इंद्राणी की बहन नहीं बल्कि बेटी है। इसके बाद एक दिन उनके संबंधों के बारे में इंद्राणी को पता चला तो उसने पीटर से झगड़ा किया। इंद्राणी ने अपनी बेटी शीना को उसके नाना के पास भेज दिया।
इसके बाद 2009 में शीना को पढ़ने के लिए दिल्ली भेज दिया गया और यहीं पर उसकी तबियत खराब हुई थी। यानी शीना को कुछ खिला दिया गया था। लेकिन शीना को जब बंगलूर शिफ्ट कर दिया गया तो वह उससे मिलना चाहता था लेकिन उसके पास उस वक्त पैसे नहीं थे।
शीना से मिलने के लिए बेचा पूरा सामान
शीना के बीमार पड़ने का वह वक्त था जब राहुल और शीना एक-दूसरे से मिले बेगैर एक भी दिन नहीं रह सकते थे। शीना बंगलूर के हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दी गई तो राहुल वहां जाकर शीना को देखना चाहता था लेकिन इसके लिए उसके पास पैसे नहीं थे।
राहुल ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने शीना से मिलने के अपने अपने फ्लैट का सारा सामान बेच दिया और फिर जो पैसे मिले उनसे वह शीना से मिलने बंगलूर गया।
इसके बाद शीना और राहुल कुछ दिन बाद वापस मुंबई आ गए। इस बार राहुल और शीना दोनों ने एक फ्लैट लिया। यहां पहुंचने के कुछ दिन बाद ही एक कंपनी में शीना की नौकरी लग गई और फिर दोनों की जिंदगी फिर से शुरू हुई। इस दौरान दोनों एक ही फ्लैट में रह रहे थे।
दोनों के एक साथ रहने की बात जब शीना की मां को पता चली तो वह रोज पीटर से झगड़ा करने लगी थी।
राहुल ने बताया कि उसने अपने मां की अनुमति और शीना के नाना नानी की अनुमति से अक्टूबर 2011 में सगाई कर ली। इस दौरान दोनों बहुत खुश थे।
शीना की हत्या करने से पहले इंद्राणी ने शीना और राहुल को डिनर के लिए बुलाया। इस डिनर से शीना को लगा कि इंद्राणी अब बहुत बदल चुकी है। लेकिन यह उनका एक साथ आखिरी डिनर था।
जिस दिन शीना की हत्या हुई उस दिन भी इद्राणी ने शीना को सगुन की अंगूठी देने और डिनर कराने के बहाने बुलाया और फिर शीना उसे कभी दिखाई नहीं दी।