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करोड़पति परिवार की बहू का कातिल कौन?

Wed, 30 Jul 2014 04:38 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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कार समेत अगवा करने के बाद करोड़पति परिवार की बहू ज्योति की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस का मजबूत शक उनके पति प्रमुख उद्यमी पीयूष श्याम दासानी पर ही जा रहा है। घटनाक्रम, पति के बयान, घटना से पहले और बाद के हालात काफी कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं।
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जबलपुर की ज्योति करीब एक साल पहले ही कानपुर के करोड़पति दसानी परिवार की बहू बनकर आई थी। खुशमिजाज ज्योति के व्यवहार से पूरा परिवार खुश था। लेकिन रविवार की रात ज्योति के लिए आखिरी रात साबित हुई।

आखिर ज्योति की खुशी को किसकी नजर लगी? वो तो पति पीयूष श्याम दसानी के साथ होंडा अकार्ड कार में खाना खाने बाहर निकली थी। हत्या की पूरी कहानी बेहद हैरतअंगेज और चौंकाने वाली है। ज्योति के शरीर पर चाकू से 17 वार किए गए। सभी वार गर्दन से लेकर कमर तक के हिस्से में किए गए। यानी बेहद जघन्य तरीके से हत्या की गई।
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आखिर ज्योति की खुशी को किसकी नजर लगी?

पारले-जी की मैन्युफैक्चरिंग फ्रेंचाइजी के मालिक पांडुनगर निवासी पियूष श्याम दासानी का मैदा, सूजी का भी बड़ा कारोबार है। एक साल चार महीने पहले पियूष की शादी जबलपुर निवासिनी ज्योति (27) से हुई थी।

पियूष के मुताबिक रविवार रात 11:30 बजे रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर लौटते समय बाइक सवार आठ युवकों ने सीएसए दूसरे गेट पर ओवरटेक करके उनकी कार रोक ली। उन्हें मारा-पीटा और फिर तीन बदमाश ज्योति को लेकर उन्हीं की कार से भाग गए।

रात लगभग डेढ़ बजे पनकी थाने के पीछे शुक्ला गेस्ट हाउस ग्रीन बेल्ट में उनकी कार लावारिस खड़ी मिली। कार की पिछली सीट पर ज्योति का शव मिला। कार में पुलिस को तीन फ्रेश स्टैंडर्ड चाकू मिले हैं। यह रूमाल से ढके थे। रूमाल पर खून लगा था लेकिन चाकू पर नहीं।

पुलिस के शक की पहली सुई पियूष पर ही घूमी

रातभर की छानबीन के बाद सोमवार सुबह से ही पुलिस के शक की पहली सुई पियूष पर ही घूमी। आईजी आशुतोष पांडेय ने वरांडा रेस्टोरेंट में जाकर सीसीटीवी फुटेज देखे। सीसीटीवी फुटेज में पति-पत्नी खाने की मेज पर दिखे।

उनमें कुछ बातचीत हो रही थी लेकिन वह सामान्य जैसी नहीं थी। रेस्टोरेंट सूत्रों ने पुलिस को बताया कि पति-पत्नी में लॉंग ड्राइव पर चलने को लेकर विवाद हुआ था। ज्योति मेज से उठकर बाहर तक चली गई थीं, तब पियूष उन्हें मानकर कार में ले गए थे। इधर, उद्यमी के बताए घटनाक्रम पर पुलिस विश्वास नहीं कर पा रही है।

जांच एजेंसी अब तक मिले सुराग के आधार पर इस नतीजे पर पहुंची है कि इस हत्या में कम से कम पांच लोग शामिल थे। हालांकि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है कई सवाल भी उठने लगे हैं।

ये हैं शक की पांच मुख्य वजहें

1- घटना रात लगभग 11:40 पर हुई। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना 12:20 बजे दी गई। ऐसा तब हुआ जब उद्यमी के पास खुद का मोबाइल मौजूद था।

2- जहां घटना हुई उस जगह से पीछे की ओर ढाई सौ मीटर की दूरी पर पुलिस पिकेट रहती है। दूसरी ओर रावतपुर चौराहे पर पिकेट रहती है। कहीं सूचना नहीं दी गई।

3- पियूष के मुताबिक लुटेरे पत्नी का कड़ा और चेन ले गए। यदि लुटेरे थे तो उन्होंने पति का मोबाइल क्यों नहीं लूटा। उसे छोड़ दिया कि वह आराम से पुलिस को सूचना दे सकें।

4- रेस्टोरेंट में सीसीटीवी फुटेज में पियूष श्याम दासानी शर्ट में दिखे। जबकि वह जब स्वरूपनगर थाने पहुंचे थे तो हरी टीशर्ट पहने हुए थे। सवाल उठता है कि क्या उन्होंने इस बीच कपड़े बदले।

5- एक और बात जो पुलिस का शक पुख्ता कर रही है वह यह है कि शाम सात बजे के करीब पियूष के मोबाइल की लोकेशन पनकी में उस क्षेत्र में मिली है जहां कार में ज्योति का शव पाया गया था। पुलिस मान रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सुरक्षित जगह देखने या किसी को सुरक्षित जगह दिखाने के लिए पियूष वहां गए हों। दोनों की लोकेशन की टॉवर एक ही है।

पियूष ने रात में मां को फोन पर सूचना दी थी कि पत्नी और उन्हें अगवा कर लिया गया है। जबकि वह सुरक्षित थे।

पीयूष क्यों नहीं आया किसी के सामने?

पाण्डुनगर निवासी पीयूष बिस्कुट कारोबारी ओम प्रकाश श्याम दसानी का छोटा बेटा है। ओम प्रकाश पारले जी के लिए बिस्कुट मैनुफैक्चरिंग करते है। ओम प्रकाश के बड़े भाई की मौत हो चुकी है।

उनके तीन बेटे मुकेश, ललित और संजय है, जबकि ओम प्रकाश के दो बेटे मुकेश और पीयूष है। दोनों फैमिली में पीयूष सबसे छोटा है। उसकी शादी जबलपुर के नैपियर टाउन निवासी प्लास्टिक फैक्ट्री के मालिक शंकर लाल नागदेव की बेटी ज्योति से नवंबर 2012 को हुई थी।

पीयूष पिता के साथ बिस्कुट कारोबार से जुड़ा था, जबकि ज्योति घर संभालती थी। वहीं, परिवार के अन्य सदस्यों का अलग कारोबार है।

बिस्कुट कारोबारी पीयूष श्याम दसानी की पत्नी ज्योति के मर्डर के दूसरे रिश्तेदार और दोस्तों का जमावड़ा घर पर लग गया, लेकिन पीयूष किसी के सामने नहीं आया।
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परिवार में सबसे छोटा है पीयूष

वो घर के अन्दर बैठा रहा, जबकि उसके पिता और भाई ने ही लोगों से बात की। करीब तीन घंटे इन्तजार करने के बाद मीडिया वालों ने पीयूष को सामने लाने के लिए परिजनों के कहा, तो उन्होंने उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के हवाला देकर मना कर दिया।

जिसके बाद भी मीडिया कर्मी वहां पर डटे रहे, तो करीब दो घंटे बाद चार बजे पीयूष सामने आया और वो सिर्फ इतना कहकर चला गया कि मै पत्नी के साथ रेस्टोरेंट से निकला था और बाइक सवार बदमाश उसकी पत्नी को अगवा कर चले गए। इसके बाद वो रोने लगा और वापस घर के अन्दर चला गया।
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