झांसी के नजदीक कानपुर हाईवे के पिछोर लिंक रोड पर रविवार की शाम सवा चार बजे लाल रंग के वाहन में सवार सशस्त्र हमलावरों ने कार सवार दंपति, उसके पुत्र तथा भतीजे को गोलियों से भून दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों के रुकने से पहले हमलावर भाग निकले।
वारदात को लेकर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआईजी व एसएसपी फोर्स व फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमों को लेकर मौके पर पहुंचे। जिले की सीमा सील कर वाहन व हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस को देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली। इस सनसनीखेज हत्याकांड की वजह मध्यप्रदेश के सरपंच व विधानसभा चुनाव के दौरान उपजी रंजिश बताई गई है। इस मामले में आठ नामजद समेत ग्यारह लोगों के खिलाफ देर रात नवाबाद थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ की सरकारी गल्ला सोसाइटी के सचिव बृजेश कुमार तिवारी (46) पुत्र प्रेमनारायण तिवारी अपनी पत्नी सिंदूरसागर पंचायत की सरपंच बबली (40), छोटे पुत्र सुनीत (11) और छोटे भाई अनिल तिवारी के पुत्र मयंक (14) के साथ अपने घर गढ़कुंडार से नवाबाद थानांतर्गत गेड़ा कालोनी पिछोर निवासी अपने साढ़ू हरी बल्लभ द्विवेदी के पुत्र सौरभ के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए कार संख्या एमपी 36 सी- 1177 से निकले थे। शाम करीब सवा चार बजे मेडिकल बाईपास तिराहा आने पर बृजेश तिवारी ने पुल से जाने के बजाए कार पिछोर लिंक रोड पर उतार ली।
बमुश्किल 100 कदम की दूरी पर पीछे से तेजी से लाल रंग के वाहन ने ओवर टेक कर कार रुकवा ली। आरोप है कि कार सवार हमलावर ओमप्रकाश अड़जरिया पुत्र रामस्वरूप अड़जरिया, उसके पुत्र सत्यव्रत अड़जरिया, हरीओम अड़जरिया व ओमकार अड़जरिया पुत्रगण रामस्वरूप अड़जरिया, नाजिर खां पुत्र रसूल खा, तौफीक खां पुत्र रुस्तम खां, तेज सिंह पुत्र श्रीपत पाल, पप्पू पुत्र सरू खंगार व तीन चार अन्य लोग निवासीगण गढ़ कुंडार थाना सेंधरी उतरे। हरिओम 315 बोर की राइफल, सत्यव्रत दोनाली और आदी कट्टा व अद्दी लिए था। इसके बाद हमलावरों ने पहले ड्राइविंग सीट पर बैठे बृजेश को गोली मार दी। इसके बाद कार के शीशे उतारकर कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे कार सवार चारों की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर हमलावर भाग निकले।
हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों ने जब फायरिंग की आवाज सुनी तो वह भागकर पुल की रैलिंग पर पहुंचे, तब तक हमलावर भाग निकले। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर डीआईजी विजय कुमार गर्ग, एसएसपी श्रीपर्णा गांगुली पुलिस फोर्स और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को लेकर मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर मौके से सबूतों को एकत्रित किया। जिले की सीमा को सील कर हमलावरों की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक न लाल वाहन का सुराग मिला और न हमलावरों का। पुलिस ने चारों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया, जहां देर रात हुए पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई।
मृतक के भतीजा नीरज तिवारी पुत्र रामप्रकाश तिवारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि आरोपी हमलावरों से उनकी चुनावी रंजिश चल रही थी। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उसके ऊपर फायरिंग कर हमला बोला गया था, जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तभी से आरोपी राजीनामा के लिए दबाव बनाने को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का मामला धारा 147, 148, 149, 302, 7 सीएलए में दर्ज किया है। डीआईजी का कहना है कि हत्यारों की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुट गईं हैं। जल्द ही आरोपी हमलावर गिरफ्तार हो जाएंगे।