CID और पुलिस की SIU टीम ने कुल्लू में बाल श्रम के लिए बिहार से लाए बच्चों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों को उस समय दबोचा जब वे 27 हजार रुपये में एक बच्चे को स्थानीय निवासी को दे रहे थे। इसमें दो आरोपी और एक खरीदार शामिल है।
अंबाला से कुल्लू आए एक वाहन से दो और बच्चों को बरामद किया है। इन बच्चों को बिहार से बालश्रम के लिए यहां लाया गया है। इनकी उम्र 10 से 12 साल के बीच है। बच्चों को वाहन में लाने वाले सुरेंद्र और प्रमोद हैं।
जानकारी के अनुसार आरोपियों को बच्चों को कुल्लू पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था। ये व्यक्ति कुल्लू की ऊझी घाटी के एक व्यक्ति को एक बच्चे को 27 हजार रुपये में दे रहे थे।
सूत्रों के अनुसार यह गिरोह बच्चों को यहां लाकर तीन साल के अनुबंध पर छोड़ देता है और इसके एवज में मोटी रकम वसूली जाती है।
वाहन चालक राजेश ने बताया कि वह अपनी टैक्सी में पहले भी तीन-चार बार इन लोगों को कुल्लू ला चुका हैं। गुप्त सूचना के आधार पर CID कुल्लू की इंचार्ज चंद्रा ठाकुर की अगुवाई में टीम ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया।
उधर, एसपी विनोद कुमार धवन ने बताया कि एसआईओ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
एडीजीपी एसआर मरडी ने बताया कि मामले को तथ्यों के साथ आगामी छानबीन के लिए स्थानीय पुलिस को सौंपा गया है।