फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटी और उसके प्रेमी को मारकर पेड़ पर लटकाया

Wed, 04 Jun 2014 07:55 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
2/3 जनवरी 2009 की वह रात थी, जब दोनों प्रेमी जोड़ों को मार कर उनके लाश पेड़ पर लटका दिए गए थे।
विज्ञापन


बेटी और उसके प्रेमी की हत्या कर लाशें पेड़ पर लटका देने के आरोपी युवती के पिता, चाचा और दो भाइयों समेत पांच लोगों को अदालत ने मंगलवार को दोष सिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इस बहुचर्चित हत्याकांड का छठा आरोपी वारदात के वक्त किशोर था लिहाजा उसका मामला जुवैनाइल कोर्ट में है।

दो अलग- अलग बिरादरी के युवक - युवती के बीच पनपे प्रेम से उपजा यह हत्याकांड भगतपुर के गांव बढ़पुरा मझरा महेशपुर खेम गांव का है।

कोई चश्मदीद नहीं, परिस्थिति जन्य साक्ष्यों पर फैसला

चार जनवरी 2009 की सुबह करीब आठ बजे बढ़पुरा मझरा गांव के जंगल में गांव के ही बृजपाल सिंह के बेटे विपिन और ललतू सिंह की बेटी रेशम की लाश एक ही पेड़ पर लटकी मिली थी।

रेशम की लाश दुपट्टे से जबकि विपिन का शव मफलर से लटका था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की बेरहमी से पिटाई का खुलासा हुआ था। दोनों के लीवर फटे थे और शरीर पर चोटों के तमाम निशान थे।

इस मामले में बृजपाल सिंह ने रेशम के पिता ललतू पुत्र तनसुख, चाचाओं बृहम्म सिंह, पूरन और रेशम के दो भाइयों भजन सिंह और कोमल और चचेरे भाई विक्की पुत्र बृहम्म सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन

फैसला सुनते ही फफक पड़े आरोपी

पुलिस ने सभी छह को गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में विक्की जुवैनाइल निकला और उसे किशोर संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्पना की अदालत में हुई।

अभियोजन पक्ष एडीजीसी जावेद कमर खां ने रखा। मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं था। लेकिन परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ललतू सिंह, बृह्म सिंह, पूरन, भजन सिंह और कोमल को रेशम और विपिन की हत्या का दोषी माना।

मंगलवार को अदालत ने इन सभी को उम्रकैद और 11- 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अदालत ने फैसला सुनाने से पहले जमानत पर चल रहे सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में ले लेने का आदेश दिया। जैसे ही अदालत ने अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई वो फफक कर रो पड़े। कठघरे से बाहर खड़े अभियुक्तों के परिजन भी बिलख पड़े।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें