पीपल के पेड़ के नीचे पड़ा लापता बालक का शव। सीना से पेट तक चीरा, शरीर के भीतरी अंग गायब। पास में तंत्र पूजा में प्रयोग की जाने वाली सामग्री। यह वीभत्स दृश्य जिसने भी देखा उसके मुंह से एक ही बात निकल रही थी बालक की बलि दी गई है। गांव में फैली सनसनी के बीच पुलिस नरबलि से इनकार कर रही है।
मामला राया थाना क्षेत्र के गांव सरदारगढ़ का है। 14 दिसंबर को गांव के बहादुर सिंह का दस वर्र्षीय बेटा सूरज सुबह पशु चराने गांव के पास ही जंगल में गया था। तभी से लापता था। तलाश के बाद भी पता न चला तो घरवालों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
शुक्रवार की शाम चरवाहों ने शव देखा। वह मांट रोड से गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर दयालबाग में पीपल के पेड़ के नीचे पड़ा था। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शिनाख्त सूरज के रूप में हुई। उसके गले से पेट तक धारदार हथियार से चीरकर भीतर के सारे अंग निकाल लिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि संभवत: हत्यारों ने बालक के शरीर पर तेजाब भी डाला। उससे अथवा किसी जानवर के खा जाने से उसके अंग गायब हुए होंगे। हालांकि वह इसे जांच का विषय भी बता रही है। इन्हीं कारणों से वह इसे नरबलि नहीं हत्या कह रही है।
उधर ग्रामीणों में चर्चा है कि पीपल देव को खुश करने के लिए बालक की बलि दी गई है। सूचना पर सीओ महावन आरपीएस यादव सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस मामले में बहादुर सिंह की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।