उत्तर प्रदेश के इस्लामपुर से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) जा रही मगध एक्सप्रेस के जनरल कोच में जीआरपी एस्कार्ट के सिपाहियों ने जमकर लूटपाट की। यात्रियों को पीटकर उनसे दो सौ से पांच सौ रुपये छीन लिए। लुटे-पिटे यात्रियों ने कंट्रोल के जरिए रेलवे अफसरों को सूचना दी।
कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन के आते ही जीआरपी प्रभारी त्रिपुरारी पांडे ने जनरल कोच चेक कराया तो यात्रियों ने लुटेरे सिपाहियों को पहचान लिया। लूट की पुष्टि होने पर जीआरपी ने पूरी रिपोर्ट एसपी रेलवे को भेज दी। देर शाम जीआरपी की पूरी एस्कार्ट चौकी को सस्पेंड कर दिया गया है।
मंगलवार सुबह 9:45बजे इलाहाबाद से जैसे ही 2401 अप मगध एक्सप्रेस कानपुर को चली तो पांच मिनट बाद ही चलित चौकी जीआरपी के सिपाही खान सिंह और प्रदीप मिश्र ने गार्ड से सटे जनरल कोच का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद सीटों और फर्श पर बैठे यात्रियों को पीटकर उनसे वसूली करने लगे।
सिपाहियों ने पूरे कोच के यात्रियों से दो सौ से लेकर पांच सौ रुपये छीन लिए। लालता प्रसाद ने विरोध किया तो खान सिंह ने उसके सिर पर राइफल की बट मार दी। खून बहने से अन्य यात्री दहशत में आ गए। इसके बाद दोनों सिपाहियों ने पूरे कोच के यात्रियों से रुपये लूटे। लालता ने कंट्रोल के जरिए रेलवे अफसरों को सूचना दी।
दोपहर लगभग बारह बजे ट्रेन सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर एक पर आई तो जीआरपी प्रभारी अमले के साथ जनरल कोच में गए और यात्रियों से पूछताछ की। लालता सहित 12 यात्रियों ने तहरीर दी। जीआरपी प्रभारी ने लूटपाट की घटना के साथ ही सिपाहियों के निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट एसपी रेलवे को भेज दी। देरशाम पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया गया।