भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उन्हीं के राज्य के पूर्व डीजी आरबी श्रीकुमार ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
याचिका में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी और वैज्ञानिक नांबी नारायण को भी पक्ष बनाया है। अदालत ने याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई तय की है।
पटियाला हाउस स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन के समक्ष दायर मानहानि याचिका में श्रीकुमार ने आरोप लगाए हैं कि इन सभी ने दो दशक पुराने इसरो जासूसी मामले के जरिए उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाकर उनकी प्रतिष्ठा नष्ट की है।
श्रीकुमार ने याचिका में कहा कि लेखी ने 7 नवंबर को देश की प्रतिष्ठा से जुड़े इसरो जासूसी मामले में उनके खिलाफ बयान जारी किया।
उन्होंने कहा इस मामले में उनके खिलाफ फर्जी आरोप लगाए गए थे और नांबी नारायण ने उनका नाम बतौर आरोपी जुड़वा दिया था। सीबीआई ने अपनी जांच में उनको क्लीन चिट प्रदान कर दी थी।
उन्होंने कहा लेखी व नारायण ने उन पर सीआईए के हाथों खेलने व उसका एजेंट बताकर उनकी प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा भी उन पर कई आरोप लगाए गए है जो मानहानि की श्रेणी में आते है। याची ने इन सभी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने का आग्रह किया है।
भाजपा ने आरोप लगाया था कि श्रीकुमार ने इसरो जासूसी मामले में उन्हें संप्रग सरकार द्वारा क्लीन चिट दिए जाने की शर्त पर मोदी सरकार के खिलाफ फर्जी मुठभेड़ के आरोप लगाए हैं।
गुजरात में हुए फर्जी मुठभेड़ मामले में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाले श्रीकुमार ने गुजरात दंगों के मामले में नौ हलफनामे दाखिल किए थे।
वर्ष 2002 में राज्य खुफिया विभाग के प्रमुख रहे इस पूर्व पुलिस अधिकारी ने मोदी पर यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के फोन टैप करने का आदेश दिया था।