उत्तर प्रदेश के नैनी (इलाहाबाद) में शहर से सटे अरैल-मवैया रोड पर बृहस्पतिवार शाम ओमेक्स सिटी के सामने कोचिंग से घर लौट रही 19 साल की दिव्या तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लोगों ने पुलिस को बताया कि तीन-चार युवकों ने उसे कार से उतारकर गोली मारी और भाग गए। छात्रा के कपड़े फट गए थे। खबर पाकर नैनी समेत कई थानों की पुलिस के साथ सीओ और एसपी पहुंच गए। परिजन भी आ गए।
पुलिस ने मौके पर छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। रात में पुलिस ने उस कारोबारी को पकड़ लिया जिसका बेटा उस छात्रा को कार में लेकर गया था।
घर नहीं पहुंचने पर भाई ने किया फोन
मांडा खास के मूल निवासी राम आसरे तिवारी नैनी में एडीए कॉलोनी स्थित सुमन इंटर कॉलेज में शिक्षक थे। उन्होंने नैनी में चक दोंदी स्थित डॉक्टर कॉलोनी में मकान बना लिया था। परिवार में पत्नी निशा तिवारी, दो बेटे रजनीश उर्फ सोनू (26) और रजत उर्फ दीपक (23) हैं, जबकि दिव्या तिवारी (19) इकलौती बेटी थी।
रजनीश शहर के टैगोर टाऊन की एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाता है। रजत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। दिव्या ने इंटरमीडिएट के बाद वाराणसी के काशी विद्यापीठ से बीसीए किया फिर बैंक की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने लगी। वह सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग में पढ़ने जाती थी। उसने सिटी बस का पास बनवा रखा था।
कोचिंग का समय दिन में ग्यारह से तीन बजे तक था। बृहस्पतिवार सुबह वह घर से कोचिंग के लिए निकली तो पड़ोसी विनय तिवारी भी बाइक पर जा रहा था। दिव्या के पूछने पर विनय के कहा कि उसे बैरहना जाना है। वह उसके साथ चली गई।
कार में ले जाकर करोबारी के बेटे ने मारी गोली
कोचिंग क्लास छूटने के बाद वह देर तक घर नहीं पहुंची तो मां के कहने पर भाई रजनीश ने दिव्या को फोन किया। तब उसने कहा कि मैथ और रीजनिंग के कुछ सवालों के चक्कर में देर हो गई। फिर करीब पांच बजे अरैल से करीब तीन किलोमीटर आगे मवैया ओमेक्स सिटी के पास एक युवती को कार से उतारकर गोली मार दी गई। उसके कंधे पर बैग था।
लोगों के देखते ही देखते तीन-चार युवक कार में बैठकर भाग गए। कंट्रोल रूम से सूचना पाकर नैनी और औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस पहुंची। मारी गई युवती की शिनाख्त दिव्या के रूप में हुई। उसके गले पर गोली मारी गई थी।
कुछ देर में उसके दोनों भाई भी आ गए। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र भी सीओ करछना बृजनंदन राय के साथ पहुंचे। औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस ने दोनों भाइयों से मिली प्राथमिक जानकारी के आधार पर रात में मनोज जैन नामक कारोबारी को हिरासत में ले लिया है। मनोज का पुत्र मोहित जैन ही कोचिंग के बाद सिविल लाइंस से दिव्या को अपनी कार में बैठाकर ले गया था।