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एक तरफ बहन की शादी, दूसरी तरफ गैंगरेप

Mon, 12 May 2014 09:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
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एक तरफ जहां दुल्हन जयमाला के बाद शादी की तैयारी कर रही थी तो दूसरी तरफ शादी के मंडप के बाहर उसकी छोटी बहन की आबरू लूटी जा रही थी।
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घटना यूपी के प्रतापगढ़ की है। जहां हीरागंज के महेशगंज थाना क्षेत्र में रविवार की रात वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान ही दुल्हन की छोटी बहन के साथ गैंग रेप की घटना को अंजाम दिया गया।

खबर के अनुसार, बहन की शादी की रात लड़की को दो युवक मंडप के समीप स्थित बाग में घसीट ले गए और सामुहिक दुराचार किया। युवती के बेहोश होने पर आरोपी भाग निकले।
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मंडप से बाहर लड़की को उठा ले गए युवक

महेशगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 9 मई को बारात आई थी। द्वारपूजा के बाद सभी लोग दुल्हन की शादी की तैयारियों में व्यस्त हो गए।

उसी दौरान उसकी बहन को कुछ लोग बाग की ओर घसीट ले गए। आरोप है कि गांव के ही अमरेश सरोज ने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ सामुहिक दुराचार किया।

युवती के बेहोश होने पर सभी लोग भाग निकले। इधर, युवती को घर में न देख परिजन उसकी तलाश करने लगे लेकिन कहीं पता नहीं चला।

शनिवार सुबह गांव के लोगों को युवती बेहोशी की हालत में मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे परिजन उसे घर लाए।

होश आने पर लड़की ने सुनाई आपबीती

दुल्हन की विदाई के बाद डाॅक्टर बुलाकर उसका इलाज कराया। होश आने पर उसने आपबीती सुनाई।

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर अमरेश समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

एसओ सूर्यप्रकाश सिंह ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। दूसरे की तलाश में दबिश दी जा रही है।

दूसरी तरफ, चार दिन पहले ही नैनी जेल से जमानत पर छूटे उमाशंकर तिवारी (36) की शनिवार शाम करछना इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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जेल से छुटे युवक का कत्ल कर बोलेरो से कुचला

सरेराह गोलियां मारने के बाद हमलावरों ने उसे बोलेरो से कुचला और भाग गए। खबर पाकर परिवार के लोगों के साथ पुलिस अधिकारी पहुंच गए। शव को फौरन पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। इस घटना में पांच लोगों के खिलाफ कत्ल का मुकदमा लिखाया गया है।

चार रोज पहले उमाशंकर और संतोष को जमानत पर जेल से रिहा कर दिया गया। खुद रिहा होने के बाद उमाशंकर जेल में बंद भाइयों शिवशंकर और रमाशंकर को जमानत दिलाने की कोशिश कर रहा था।

शनिवार शाम वह बाइक पर हर्रई गांव की तरफ जा रहा था। वह करीब साढ़े चार बजे पसना मार्ग पर जगदीशपुर गांव के पास पहुंचा तभी उस पर हमला किया गया। गांव वालों ने गोलियां चलने की आवाज सुनी। कुछ देर बाद ग्रामीण उधर पहुंचे तो उमाशंकर बाइक समेत सड़क पर पड़ा था। एक बोलेरो उसे कुचलकर जा रही थी।
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