जुआ का गढ़ बनते जा रहे यूपी के बांदा शहर में स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत पर डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाया है। डीआईजी ने पड़ोसी जनपद की पुलिस टीम से छापा मरवाकर एक बड़े जुए का पर्दाफाश कराया। डीआईजी ने बांदा शहर कोतवाली प्रभारी जनमेजय सचान को तत्काल प्रभाव से कोतवाली से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही मर्दननाका चौकी प्रभारी राकेश सरोज को निलंबित कर दिया है।
शहर में जुए की जगह-जगह फड़ चल रही थीं। इसकी सूचनाएं भी पुलिस को लगातार दी जा रही थीं। लेकिन कोतवाली पुलिस चुप्पी साधे रही। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि उन्हें भी काफी दिनों से शहर में जुए की खबरें मिल रही थीं। इस बारे में उन्होंने बांदा के पुलिस अधीक्षक सहित क्षेत्राधिकारी आदि को लिखित जानकारी और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। फिर भी जुए में अंकुश नहीं लगा।
दो-तीन दिन पूर्व उन्होंने शहर कोतवाली प्रभारी को सीधे आदेश देकर जुआं पकड़ने को कहा था। फिर भी ऐसा नहीं किया गया।
पुलिसवालों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई
डीआईजी ने बताया कि मर्दननाका पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत निम्नीपार चूना भट्ठी में जुए की खबर मिलने पर उन्होंने शनिवार की शाम को हमीरपुर की पुलिस टीम बांदा बुलवाई। यहां की पुलिस को सूचना दिए बगैर हमीरपुर टीम ने इस जुएं की फड़ में छापा मारकर 11 जुआरियों को रंगेहाथ पकड़ा।
उनके पास से 42 हजार 800 रुपए, 8 बाइक और मोबाइल फोन बरामद हुए। हमीरपुर की 18 सदस्यीय पुलिस टीम का नेतृत्व सरीला (हमीरपुर) के क्षेत्राधिकारी राजेश पांडेय ने किया। उनके साथ हमीरपुर के ही उप निरीक्षक प्रभुराज सिंह और अवनीश कुमार यादव (मझगवां), हेड कांस्टेबिल पदोन्नति मनमोहन सिंह (जलालपुर) और अजब सिंह (चिकासी) सहित कांस्टेबिल अनुराग कुमार, दिनेश प्रसाद मिश्र, मतगंजन मिश्रा, मनीष कुमार शर्मा, जय प्रकाश त्रिपाठी, राजेंद्र यादव, कृष्णकांत मौर्य, कृष्ण प्रताप, देवेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार पटेल, धीरेंद्र पाल सिंह, राजीव कुमार और हाकिम सिंह शामिल हैं।
उधर, नए शहर कोतवाल के बारे में अपर एसपी आशुतोष शुक्ल ने बताया कि फिलहाल पुलिस अधीक्षक जनपद से बाहर हैं। उनके आने पर ही तैनाती होगी। तब तक कोतवाली के एसएसआई काम देखेंगे।