प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र के बसहा जामताली गांव की दलित बस्ती में रविवार दोपहर भारी बवाल हो गया। सई नदी में नहाने को लेकर हुए विवाद के बाद कुंभापुर बुढ़ौरा गांव के दबंग युवकों ने लाइसेंसी बंदूक और असलहे से ताबड़तोड़ फायरिंग की।
विज्ञापन
गोली लगने से चार लोग जख्मी हो गए। जबकि पिटाई से महिला समेत तीन लोग घायल हुए। मारपीट और फायरिंग करने के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया और मंत्री शिवाकांत ओझा का पुतला फूंका।
आरोपियों की गिरफ्तारी को एसपी बलिकरन सिंह यादव खुद बुढ़ौरा पहुंचे। इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी को आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया। करीब पौने तीन घंटे बाद पुलिस ने लाठियां पटककर जाम हटाया।
विज्ञापन
दलित महिलाओं के बीच नहाने पहुंचे युवक
गांव में तनाव के कारण पीएसी तैनात कर दी गई है। बसहा निवासी प्रवीण की तहरीर पर पुलिस ने कुंभापुर बुढ़ौरा के सात लोगों मुबीन, मेराज, वहाब, सद्दाम, रियाज, एजाज, याकूब के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इनके अलावा सात-आठ अज्ञात भी शामिल हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
सई नदी के तट पर बसे बसहा गांव की दलित बस्ती की महिलाएं रविवार दोपहर स्नान के लिए नदी की ओर गई थीं। जिस स्थान पर महिलाएं नहा रही थीं, वहीं कुंभापुर बुढ़ौरा गांव के कई युवक भी नहाने पहुंच गए। यह देख बसहा दलित बस्ती के जियालाल व मिथुन उन लोगों को रोकने लगे।
इसे लेकर उनके बीच विवाद होने लगा। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच मारपीट होते देख महिलाओं ने शोर मचाया। गांव के लोग दौड़े तो बुढ़ौरा गांव के युवक भाग निकले। करीब बीस मिनट बाद बुढ़ौरा गांव के दर्जन भर युवकों ने बाइक से पहुंचकर दलित बस्ती पर धावा बोल दिया।
फायरिंग में तीन घायल
दलित बस्ती में घुसे दबंग युवकों ने लोगों के साथ गालीगलौज करने के साथ ही मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने लाइसेंसी बंदूक व असलहे से फायरिंग की।
गोली लगने से सुभाष सरोज (23) पुत्र बलिगोविंद, प्रदीप (25), ललित किशोर सरोज (58) व चौहरजा सरोज (60) घायल हो गए। सई नदी से नहाकर लौट रही लालती देवी को भी हमलावरों ने पीट दिया। लोगों की गुहार सुनकर ग्रामीण दौड़े तो हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले।
गोली लगने से घायल चारों लोगों को स्थानीय अस्पताल भेजा गया। वहां से डाक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल भेज दिया। यहां से भी तीन लोगों को डाक्टरों ने हालत गंभीर देखकर इलाहाबाद रेफर कर दिया।
इधर घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जामताली बाजार में जाम लगा दिया। इससे पट्टी-रानीगंज, जामताली- प्रतापगढ़ और जामताली से वीरापुर मार्ग अवरुद्ध हो गया। घटना की खबर मिलने पर एसओ संजय शर्मा पौन घंटे के बाद मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों के उग्र तेवर व दो वर्गों के बीच का मामला देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। थोड़ी देर बाद एसपी बलिकरन सिंह यादव, एडीएम पुनीत शुक्ला, एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय, पश्चिमी दिनेश सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों से पूछताछ के बाद एसपी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ पट्टी और कोतवाल को लेकर बुढ़ौरा गांव में दबिश देने पहुंच गए।
सड़क जाम करने वाले ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन व कैबिनेट मंत्री शिवाकांत ओझा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। अफसर उग्र ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। अंत में पौने तीन घंटे बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लाठी पटकी तो ग्रामीण सड़क से हटे। इसके बाद सभी मार्गों पर आवागमन बहाल हो सका।