यूपी में पिता की आंखों के सामने ही पति और ससुराल वालों ने बेटी को फांसी लगाकर मार डाला। रविवार दोपहर इंचौली में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे पैसे की मांग पूरी ना होना बताया गया। वारदात के बाद आरोपी ससुराल वाले फरार हो गए। पिता की तहरीर पर पति सहित पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या (302 आईपीसी) में केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव निवासी राजकुमार जाटव की पुत्री संगीता (30) की शादी करीब दस साल पहले इंचौली निवासी रमेश चंद के पुत्र विनोद से हुई थी। दोनों के दो बच्चे मुरली (7) और अर्चित (5) हैं। विनोद गांव में ही बिजली फिटिंग का काम करता है। विवाहिता के पिता राजकुमार ने पुलिस को बताया कि विनोद और उसके परिवार के लोग शादी के बाद से ही संगीता को परेशान करते थे।
दहेज कम लाने के ताने मारते हुए उसका उत्पीड़न करते थे। कुछ दिन पूर्व विनोद को किसी काम के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। जिसमें उसने संगीता से डिमांड कर दी थी कि अपने घर से पैसे लाकर आ। उसके बाद से ही संगीता और विनोद के बीच अनबन चल रही थी।
दहेज को लेकर होता था झगड़ा
दो दिन पूर्व भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। राजकुमार के अनुसार रविवार दोपहर करीब एक बजे विनोद ने उसे कॉल करते हुए धमकी दी कि वह संगीता की हत्या कर देगा। यह सुनकर वह बुरी तरह घबरा गया और तुरंत मसूरी गांव से इंचौली स्थित बेटी की ससुराल पहुंच गया। वहां पहुंचा तो देखा कि परिवार के सदस्यों की संगीता से नोकझोंक चल रही है। उसने सभी को समझाने की कोशिश की पर कोई नहीं माना।
आरोप है कि ससुराल वालों को उसने रोकने की कोशिश की तो ससुराल वालों ने उसे धकेल दिया और देखते ही देखते संगीता को पीटते हुए उसे फांसी लगाकर मार डाला। बेबस पिता बेटी को बचाने के लिए चिल्लाता रहा, रोता रहा, लेकिन ससुराल वालों ने संगीता को मारने के बाद ही छोड़ा।
संगीता की लाश देखकर वह बदहवास हो गया। इसी का फायदा उठाकर ससुराल वाले वहां से फरार हो गए। इसके बाद उसने ही अपने परिवार के सदस्यों के अलावा पुलिस को सूचित किया।
मौके पर पहुंची पुलिस
उधर, सूचना पर मौके पर पहुंची इंचौली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया, जबकि आरोपी ससुराल वाले घर से फरार मिले। एसएसआई मुकेश कुमार के अनुसार तहरीर के आधार पर पति विनोद, ससुर रमेश चंद, सास बिमला, चचिया ससुर चमन और ननद हेमंत के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि संगीता को फांसी लगाकर मारा गया है या गला दबाकर। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
त्योहार से पहले कोहराम
बेटी की हत्या की सूचना जब संगीता के मायके पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वाले त्योहारों की तैयारी में लगे थे। लेकिन खुशियां चीख पुकार में बदल गईं।
बेबस बाबुल कुछ नहीं कर पाया
राजकुमार ने पुलिस को बताया कि जब दामाद ने मुझे फोन करते हुए कहा कि वह मेरी बेटी को मार डालेगा तो एक बार को मैं कुछ समझ नहीं पाया। किसी अनहोनी की आशंका में जब मैं बेटी की ससुराल पहुंचा तो मेरे सामने ही बेटी को पीटा जा रहा था। मैं बेबस होकर ससुराल वालों को रूक जाने के लिए गुहार लगाता रहा। जब बेटी को फांसी लगाई जाने लगी तो कुछ लोगों ने मुझे पकड़ लिया और कुछ ही सैंकिडों में मेरी बेटी को लाश में बदल डाला। राजकुमार का कहना है कि मैं हत्यारों को सजा दिलाकर रहूंगा।