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सबसे बड़े खतरे से रहें आगाह, दोगुने हुए ऑनलाइन अपराध

Tue, 23 Feb 2016 02:13 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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आधुनिक दौर की हर सहूलियत अपने पीछे तबाही की चेतावनी भी लेकर आ रही है। साल 1980 में कंम्यूटर को इंटरनेट का नेटवर्क मिला तो डिजिटल युग की शुरुआत हो गई। महज 20 वर्षों में दुनिया की आधे से ज्यादा आबादी इसकी आदी हो गई। अब की सूरत ये हैं कि फोन में नेट पैक खत्म होते ही लगता है कि दुनिया से संबंध छूट गया।
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इसी के साथ ये बेहतरीन सुविधा भविष्य के सबसे बड़े खतरे से भी आगाह कर रही है। डेलीमेल की खबर के मुताबिक ऑनलाइन अपराधों पर यूनाइटेड किंगडम की नेशनल क्राइम एजेंसी ने अध्ययन किया तो रिपोर्ट एकदम चौकाने वाली सामने आई।

आंकड़ों के मुताबिक महज तीन साल में ऑनलाइन अपराधों का आंकड़ा दोगुना हो गया है। तेजी से बढ़ता ये आंकड़ा ऑनलाइन डेटिंग साइट्स के जरिए अंजाम दिए जा रहे गुनाहों का है।
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दुनिया भर के लिए संकट

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013 में ब्रिटेन की पुलिस ने 180 मामलों का हवाला दिया था। जिनकी तादात 2015 में बढ़कर 378 हो गई।

इनमें सबसे बुरी साइट प्लेंटीऑफफिश को बताया जा रहा है। अकेले इस डेटिंग साइट के जरिए ही सबसे ज्यादा 63 आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया गया। जिनमें 8 बलात्कार और 5 यौन हिंसा के मामले हैं।

बदनुमा साइट्स की फेहरिस्त में दूसरा नंबर वाडू का है। जिसके जरिए 17 वारदातों को अंजाम दिया गया, जिनमें 2 रेप के मामले हैं।

साल 2013 से 2015 तक डेटिंग साइट्स के खिलाफ 828 आपराधिक मामलों की शिकायत की गई। जिनमें 88 मामलों में रेप के आरोप लगाए गए। 49 मामलों में यौन हिंसा के आरोप लगे और 180 मामलों में आरोप हिंसा के रहे। 115 मामले शोषण और 43 मामले ब्लैकमेलिंग यानी भयादोहन के भी हैं।

बीते साल 2 बच्चों की एक मां की मुलाकात उसके ब्वॉयफ्रेंड से प्लेंटीऑफफिश डेटिंग साइट के जरिए हुई। उस शख्स ने महिला को जान से मार दिया।
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अभी आगाह नहीं हुए तो त्रासदी के लिए रहें तैयार

47 वर्षीय डेरेन जैफरी ने नशे में धुत होकर 45 वर्षीय प्रेमिका कैरेन कैथरल को फ्लिंटशायर स्थित उसी के घर में बुरी तरह पीटा, और उसे बेरहमी से मार दिया। कैथरल की हत्या के जुर्म में जैफरी को साढ़ें 17 साल के लिए जेल भेज दिया गया।

ऑनलाइन अपराधों में सबसे ज्यादा 85 फीसदी शिकार महिलाएं ही बनती है। जिनमें 42 फीसदी महिलाओं की उम्र 20 से 29 साल बताई गई। जबकि 41 फीसदी वारदातों को तब अंजाम दिया जाता है जब पहली डेट किसी सार्वजनिक स्थान के बजाय किसी एक के घर पर की गई हो।

महीने भर पहले नेशनल क्राइम एजेंसी के अध्ययन के मुताबिक अमूमन पहली डेट में फेस-टू-फेस मुलाकात के दौरान ही वारदातों को अंजाम दिया जाता है।

बहरहाल आंकड़े तो चौकाने वाले हैं ही, तमाम खबरियां संसाधनों को ही खंगाल लिया जाए या अपने आस-पास ही नजर भर देख लिया जाए तो आप ऑनलाइन अपराधों के खतरे से वाकिफ हो जाएंगे। जिसके लिए अभी से आगाह नहीं हुए तो एक भयंकर त्रासदी भविष्य की गर्त में मुंह बाए खड़ी है।
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