अदालत ने दोस्त की 12 वर्षीय बहन के अपहरण और उससे बलात्कार के आरोपी 22 वर्षीय संदीप को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश इला रावत ने सुल्तानपुरी निवासी संदीप के सहानुभूति बरतने संबंधी उस तर्क को खारिज कर दिया कि घर में वह कमाने वाला अकेला है और पूरा परिवार उसकी आय पर निर्भर है।
अदालत ने कहा कि संदीप पीड़िता के भाई का दोस्त था और उसका उनके घर आना-जाना था। उसने पीड़िता के परिवार का विश्वास जीत लिया था। संदीप आंगनबाड़ी में बावर्ची के रूप में काम कर रहा था।
फरवरी 2012 को वह पीड़िता के घर आया और उससे कहा कि उसका भाई तत्काल उसे बुला रहा है।
पीड़िता को साथ लेकर आरोपी क्षेत्र में बने स्कूल के पीछे एक कमरे में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। पता चलने पर पीड़िता को छुड़ा कर संदीप को गिरफ्तार किया गया।