उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के करछना इलाके के गांव खाईं में बृहस्पतिवार दोपहर राजनीतिक रंजिश में हुई कहासुनी के एक युवक को गोली मार दी गई। आरोप है कि निशाने पर उसके अधिवक्ता भाई थे।
घटना से गुस्साए वकीलों ने शव कलेक्ट्रेट में डीएम निवास के गेट पर रखकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि सपा सांसद रेवती रमण सिंह के करीबियों ने यह हत्या की है। वकीलों ने डीएम के बाहर नहीं निकलने पर गेट पर तोड़फोड़ भी की।
आखिर में उनकी मांग पूरी होने का आश्वासन मिलने और आरोपियों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में नामजद मुकदमा दर्ज होने पर देर शाम शव चीरघर भेजा गया। डीएम के आदेश पर रात में ही पोस्टमार्टम भी करा दिया गया।
खाईं गांव निवासी भोलानाथ पांडेय के चार बेटों में प्रदीप सबसे छोटा था। वह शक्ति नगर में लोडर का ड्राइवर था। पत्नी बबीता बेटे अशोक और बेटी अवनी के साथ यहीं रहती थी। प्रदीप 15 दिन पहले घर आया था। बृहस्पतिवार को खाईं गांव में दशहरा मनाया जा रहा था।
दोपहर में प्राथमिक विद्यालय में रावण का पुतला बन रहा था। वहां तमाम लोग मौजूद थे। प्रदीप भी वहीं था, तभी गांव के कमला शंकर पांडेय ने कुछ अपशब्द कहे तो प्रदीप ने विरोध किया। उनके बीच कहासुनी होने लगी।
परिजनों का कहना है कि प्रदीप के बड़े भाई अधिवक्ता संदीप पांडेय बीचबचाव के लिए पहुंचे तो कमला शंकर ने अपनी दुनाली बंदूक से गोली चला दी। गोली प्रदीप के बाएं कंधे पर लगी। वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। वहां खलबली मच गई।
हमलावर कमला शंकर और उसके साथ मौजूद लोग भाग निकले। घायल प्रदीप को उठाकर एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रदीप के पिता शोभनाथ और भाई संदीप पांडेय का आरोप है कि राजनीतिक रंजिश की वजह से यह कत्ल किया गया है।