घरवालों ने बेटी की शादी बडी़ धूमधाम से की थी। लेकिन दो महीने बाद ही वह अपने ससुराल से प्रेमी के साथ भाग गई। परिजन उसे तलाशने लगे। वह अपने प्रेमी के साथ बस में मिली।
परिजनों ने इज्जत के नाम पर बेटी का गला घोंट दिया और लाश पटरी पर फेंककर भाग निकले। उसके बाद बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट गुजरात के भावनगर के आंगल थाने में दर्ज करा दी।
घटना उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की है। पुलिस ने हत्या के आरोप में युवती के ताऊ और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हाटा रेलवे स्टेशन पर पुलिस को 22 वर्षीय राधा उर्फ गुड्डी का शव 15 अगस्त को रेलवे लाइन पर मिला था। उसकी शादी पैगम्बरपुर निवासी अवधेश राम से हुई थी।
एफआरआई से खुला कत्ल का राज
पुलिस को छानबीन के दौरान मंगलवार को राधा के ताऊ रामअवध राम के पास से गुमशुदगी की एक एफआरआई की फोटो कापी हाथ लगी। इसमें युवती के पिता रामराज ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भावनगर जिला के आंगल थाने में दर्ज कराई थी। उसमें बताया गया था कि राधा को उसका प्रेमी 18 अगस्त को भगा ले गया।
एफआईआर की कापी ने पुलिस के होश उड़ा दिए कि आखिर राधा की लाश 15 अगस्त को मिली थी, फिर उसके पिता ने 18 अगस्त को उसके प्रेमी प्रदीप द्वारा उसे भगाने की रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई?
पुलिस ने रामअवध राम तथा उसके चचेरे भाई मनोज को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो मनोज ने पूरा मामला खोला। उसने बताया कि राधा की शादी इसी वर्ष 2 जून को अवधेश राम से हुई थी।
12 अगस्त को राधा के ससुराल वालों ने बताया कि वह घर से गायब है। दोनों पक्ष उसे खोजने जा रहे थे कि अलावलपुर के पास बस में राधा अपने प्रेमी के साथ मिली। लड़की के परिवार वाले उसे साथ लाए। ग्राम प्रधान के घर पंचायत में लड़की प्रेमी के साथ जाने की जिद्द पर अड़ी थी।
इस पर रामअवध उसे साथ लेकर अपने ससुराल लेकर चला गया। वहां एक दिन रहने के बाद 14 अगस्त को मनोज को बुलाया। दोनों राधा को लेकर रात में हाटा रेलवे लाइन के किनारे पहुंचे। वहां मनोज ने राधा की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश रेलवे लाइन पर डाल दी।
राधा के पिता ने बेटी की हत्या की बात जानने के बाद भी पुलिस को गुमराह करने के लिए 18 अगस्त को भावनगर में एफआईआर दर्ज करा दी।