सेना की 509 सप्लाई कोर बटालियन (एएससी) में रविवार देर रात अवैध संबंधों के शक में फौजी ने ड्यूटी के दौरान साथी जवान की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने वारदात के पांच घंटे बाद हरिद्वार भागने की फिराक में कैलाशी अस्पताल के पास बस का इंतजार कर रहे आरोपी फौजी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोलियां मारे जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस के अनुसार गांव पीपरा, बलिया निवासी अमित गिरी (30) पुत्र राजकुमार गिरी और गांव जकरिया, बलिया निवासी अरविंद कुमार पुत्र राम दयाल वर्ष 2002 में एक साथ फौज में भर्ती हुए थे।
भाभी से की थी शादी, दोस्त के साथ अवैध संबंध का शक
दोनों कासमपुर, कंकरखेड़ा स्थित 509 आर्मी सप्लाई कोर में लगभग एक साल से फौजी चालक के पद पर तैनात थे। अमित की शादी वर्ष 2004 में से हुई थी। उसके दो बेटे एक आठ साल का और दूसरा 10 साल का है। अरविंद की शादी उसके भाई की मृत्यु के बाद भाभी से हुई थी। वह गांव में ही रहती थी।
एक ही जिले के होने के साथ ही दोनों के गांव भी आसपास थे। इससे दोनों में घनिष्टता थी। दोनों एक-दूसरे के घर भी आते जाते थे। अमित को शक था कि अरविंद का उसकी पत्नी से प्रेम प्रसंग चल रहा है। दो साल में प्रेम संबंधों को लेकर अमित ने अरविंद को कई बार समझाया।
इसको लेकर दोनों के बीच कई बार झगड़ा भी हो चुका था। इस बीच रविवार रात अमित ने बैरक में घुसकर अरविंद की हत्या कर दी। कैप्टन अभिषेक शर्मा ने अमित गिरी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सोमवार को पुलिस ने अमित को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अरविंद को तीन गोली मारी गई थी।
जगाकर हालचाल पूछा और सीने में दाग दी गोलियां
रविवार रात अमित इंसास राइफल के साथ ड्यूटी पर तैनात था, जबकि अरविंद अपनी बैरक में सो रहा था। रात लगभग 11:15 बजे अमित अपने साथी बन्ना से टायलेट जाने की बात कहकर अरविंद की बैरक में पहुंचा।
उसे जगाकर हालचाल पूछा और फिर उससे अपनी पत्नी से अवैध संबंधों के बारे में पूछने लगा। इसको लेकर दोनों में तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद दौरान अमित ने इंसास रसे अरविंद के सीने में गोलियां उतार दी। अरविंद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अमित ने इस सनसनीखेज वारदात को पल भर में अंजाम दिया। इससे बैरक में मौजूद फौजी स्तब्ध रह गए। वहीं वारदात के बाद अमित ने अपनी इंसास राइफल, आईकार्ड और फौजी शर्ट उतारकर नायक को सौंपकर फरार हो गया। इसके बाद अरविंद को सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
'हां मैने अपने दोस्त का खून किया है'
साथी की हत्या के बाद आरोपी अमित की हरिद्वार भागने की योजना थी। इसके तहत वह नेशनल हाईवे स्थित कैलाशी अस्पताल के पास पहुंचा और बस का इंतजार करने लगा। इस बीच उसकी तलाश में निकले एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ दौराला बीके सिंह, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सुरेंद्र राणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा के अनुसार अमित ने पूछताछ में अरविंद की हत्या करना स्वीकार किया। अमित के अनुसार उसकी पत्नी और अरविंद के बीच प्रेम संबंधों को लेकर वह काफी डिप्रेशन में था। इसके चलते ही उसने अरविंद की हत्या की।
एसपी सिटी ओपी सिंह ने बताया कि पत्नी से प्रेम संबंध के चलते फौजी अमित ने साथी सिपाही अरविंद की अपनी इंसास राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। सेना की ओर से मिली तहरीर पर अमित के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।