एक महिला की 16 साल की शादी में उस वक्त 'तूफान' आ गया, जब उसे पति के किसी और से इश्क की बात पता चली। उसका पति अपनी प्रेमिका से निकाह के बाद दावत दे रहा था, तभी इसकी भनक उसकी पत्नी को लग गई।
उसने पुलिस को ससुरालियों के खिलाफ तहरीर देकर निकाह रुकवा दिया। अब दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश की जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के भीकनपुर मुंडा गांव में रहने वाले एक वकील ने वर्ष 1996 में कुंदरकी निवासी एक युवती से शादी की थी। दोनों ने सोलह साल तक रिश्ते को निभाया। लेकिन, कुछ दिन पूर्व दंपति के बीच दरार पड़ गई, जिसका कारण था वकील का काशीपुर की युवती से प्रेमप्रसंग।
आरोप है कि वकील ने करीब दस दिन पूर्व पत्नी को मारपीट कर घर से निकाल दिया। गुपचुप प्रेमिका से शादी करने की तैयारी कर ली। निकाह की रस्म के बाद शनिवार रात में गजरौला के एक बड़े होटल में दावत थी, जिसकी भनक उसकी पत्नी को लग गई।
मायके वालों को लेकर वह सुबह ही शौहर की शादी रुकवाने के लिए कोतवाली पहुंच गई। तहरीर मिलने पर पुलिस वकील के घर पहुंच गई। फिलहाल मसले का हल न निकलने तक दूसरी शादी को रुकवा दिया गया है।
औलाद की चाहत या इश्क का जुनून
शादी के सोलह साल गुजरने के बाद भी औलाद न होने से वकील काफी दिन से दूसरी शादी की फिराक में था। बिरादरी में किसी की शादी के दौरान उसे काशीपुर की एक युवती से इश्क हो गया। पति के प्रेमप्रसंग की पत्नी को भनक लग गई। इसे लेकर ही दंपति के बीच मनमुटाव हो गया। फिर वकील ने दूसरी शादी करने की ठान ली।
प्रभारी पुलिस निरीक्षक डीसी शर्मा का कहना है कि वकील की पत्नी कुंदरकी के सपा विधायक हाजी रिजवान अहमद की रिश्तेदार हैं। इस मामले में उन्होंने मुझे स्वयं फोन किया। वकील और उसके दो भाइयों समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ तहरीर दी है। सुलह के प्रयास चल रहे हैं। रजामंदी नहीं बनी तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
हाजी रिजवान अहमद ने कहा कि भतीजी को पहले विश्वास में लेकर रिश्ता करना चाहिए था। यही समाज के रीति रिवाज के अनुसार सही था। अगर दोनों पक्ष अब भी सहमत हो जाएं तो मसला हल हो जाएगा।