गाजियाबाद के थाना सिहानीगेट की महिला को अपनी बेटी की गलत हरकतें इतनी नागवार गुजरीं कि उसने उसके कत्ल का फैसला कर लिया।
23 जून को महिला ने अमरोहा के थाना नौगावां सादात क्षेत्र के रहने वाले ननदोई के दोस्त के साथ नींबू पानी में नशे की गोलियां मिलाकर पिलाई और कार से ब्रजघाट लाकर दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। बाद में लाश को रतनपुर खुर्द के जंगल में फेंक दिया।
मृतका के पास मिले दो मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट से शक के घेरे में आई मां से पुलिस व क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की तो वह टूट गई। उसने सारा राज उगल दिया और बेटी के कत्ल का गुनाह भी कुबूल कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयोग की गई कार भी बरामद कर ली है। बुधवार को सीओ सिटी ने पत्रकार वार्ता में पूरी घटना का खुलासा किया।
कार में रख जंगल में फेंकी लाश
सीओ ने बताया कि नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर खुर्द के जंगल में 24 जून को एक युवती की लाश पड़ी मिली थी। जिसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। शुरुआत में माना जा रहा था कि युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या कर लाश को यहां फेंका गया होगा, लेकिन पुलिस ने मृतका के पास से मिले दो मोबाइल फोन की कॉल डिटेल को खंगाला।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मंगलेश पत्नी महावीर सिंह निवासी मकान नंबर 450, केशरी माता मंदिर थाना सिहानीगेट जिला गाजियाबाद तक पहुंच गई। क्राइम ब्रांच ने महिला को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
बताया कि, वह बेटी जूही की हरकतों से तंग आ गई थी। वह छह बार घर से भाग चुकी थी और उसकी वजह से घर पर बाहरी लोगों का आना जाना बना था। 23 जून को बहला फुसलाकर ननदोई के दोस्त दुष्यंत निवासी कूरी थाना नौगावां सादात की मदद से उसे कार से ब्रजघाट लाया गया।
इससे पहले रास्ते में नींबू पानी में नशे की गोलियां मिलाकर पिला दी गईं, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद ब्रजघाट पहुंचने पर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर अंधेरा होने पर लाश को गांव रतनपुर खुर्द के जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को भी बरामद कर लिया है।
मां ने कहा, ..वह घर से छह बार भाग चुही थी
मंगलेश ने बताया कि उसकी बेटी जूही गलत संगत में पड़ गई थी। 2004 में थाना बहादुरगढ़ के आलमनगर निवासी वीरेंद्र चौहान से उसकी शादी की गई थी, लेकिन उसकी हरकतों के चलते तलाक हो गया था। काफी समझाने के बाद भी उसमें सुधार नहीं आया। जब उसने सारी हदें पार कर दीं तो उसे यह कदम उठाना पड़ा। उसने बताया कि जूही घर से छह बार भाग चुकी थी। घर पर बाहरी लोगों का आनाजाना बना रहता था। बेटी की करतूत बताते वक्त उसको सिसकियां छूट रहीं थीं।
जूही का परिवार मूलरूप से बुलंदशहर जनपद के थाना स्याना के गांव गुमरावली का रहने वाला है और मौजूदा वक्त गाजियाबाद में रह रहा था। परिवार का खर्च गांव में मौजूद खेती-बाड़ी से चलता है। पिता बीमार रहते हैं, बड़ा भाई अलग रहता है।
सीओ, शील कुमार ने मामले पर कहा है कि रतनपुर खुर्द के जंगल में मिली युवती की लाश की घटना का खुलासा कर दिया गया है। लड़की की मां ने ही हत्या की थी। जिसने गुनाह कुबूल लिया है। बेटी की गलत हरकतों के कारण मां ने यह कदम उठाया है। वारदात में गांव कूरी निवासी एक ग्रामीण भी शामिल था, जबकि कार को भी बरामद कर लिया गया है।