यूं तो जब भी हम पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाते हैं तो हमें उसके समाधान की उम्मीद होती है लेकिन कभी ऐसा भी सुना है क्या कि किसी बलात्कार के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पीड़िता को दोबारा उन्हीं के पास जाने को कहा हो जिसने पीड़िता के साथ रेप किया हो?
जी बिल्कुल! महाराष्ट्र के जालना में हाल ही ऐसी घटना हुई जिसे जानकर आप को पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर गुस्सा जरुर आएगा। यह घटना तब हुई जब 17 वर्षीय नाबालिग लड़की पुलिस के पास बालात्कार का केस दर्ज कराने के लिए गई।
स्थानीय पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई जिसके अंतर्गत पीड़िता को आरोपियों के पास जाना था, और उसके बाद फिर पुलिस जाकर आरोपियों को पकड़ती।
इंस्पेक्टर को किया निलंबित
लेकिन पुलिस की यह योजना नाकाम हो गई और आरोपियों ने पीड़िता के साथ दोबारा रेप कर दिया। यह घटना बीते शुक्रवार की है और पुलिस ने इस मामले में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
पुलिस विभाग ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने का यह अतार्किक योजना है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के साथ पहला रेप 7 जुलाई को उसके आरोपी पीड़िता और उसके ब्वायफ्रेंड को नावा रोड पर जंगल में ले गए और वहां उसके साथ चाकू की नोक पर रेप किया।
आरोपी अपने साथ पीड़िता का मोबाइल फोन भी साथ ले कर चले गए थे और उन्होंने पूरे वारदात का वीडियो भी रिकार्ड किया। हादसे के बाद पीड़िता घर गई और अपनी मां को बताया।
पुलिस की योजना हुई नाकाम
जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दोनों आरोपी पीड़िता की मां के मोबाइल पर फोन कर के ब्लैकमेल करने लगे कि अगर पीड़िता उन्हें 2000 रुपए देगी तो वे वीडियो और मोबाइल दोनों दे देंगे।
जिसके बाद आरोपियों ने शुक्रवार की शाम को पीड़िता को फ्लाई ओवर पर बुलाया। इसकी जानकारी पीडि़ता ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जाने का हां कह दिया।
पुलिस की योजना थी कि वे आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लेंगे लेकिन ये योजना नाकाम हो गई। और जब पीड़िता आरोपियों की बताई गई जगह पर पहुंची तो उन्होंने फिर से उसके साथ रेप किया।
आरोपी करने लगे ब्लैकमेल
जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दोनों आरोपी पीड़िता की मां के मोबाइल पर फोन कर के ब्लैकमेल करने लगे कि अगर पीड़िता उन्हें 2000 रुपए देगी तो वे वीडियो और मोबाइल दोनों दे देंगे।
जिसके बाद आरोपियों ने शुक्रवार की शाम को पीड़िता को पास के फ्लाई ओवर पर बुलाया। इसकी जानकारी पीडि़ता ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जाने का हां कह दिया।
पुलिस की योजना थी कि वे आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लेंगे लेकिन ये योजना नाकाम हो गई। और जब पीड़िता आरोपियों की बताई गई जगह पर पहुंची तो उन्होंने फिर से उसके साथ रेप किया।
आरोपी हुए गिरफ्तार
जिसके बाद पीड़िता दोबारा पुलिस के पास गई और उन्हें घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में तलाशी अभियान चला कर आरोपियों को हिरासत में लिया।
आरोपियों से मोबाइल भी बरामद किया गया लेकिन उसमें किसी तरह का कोई वीडियो नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर जनरल विश्वास नांगरे पाटिल आज जालान पहुंचे और उन्होंने संबधित सहायक इंस्पेक्टर विनोद इज्जापवर को बर्खास्त कर दिया।
इस घटना की जानकारी होते ही इंस्पेक्टर जनरल पाटिल ने सब डिविजनल अधिकारी दिक्षित कुमार गेडाम को मामले की छान बीन का आदेश दिया है और मामले में दोषी इंस्पेक्टर विनोद इज्जापवार को निलंबित कर दिया।