अपनी इज्जत बचाने के लिए तीन महिलाओं ने एक डैम में छलांग लगाकर जान दे दी है। मामला बिहार के बांका जिले का बताया जाता है।
बांका जिले के बेलहर थाने के दुधनियां गांव की 3 महिलाएं बुधवार शाम वहीं जंगल में पत्ता चुनने गई थीं। जंगल गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। इन महिलाओं के साथ 8 साल की एक बच्ची भी थी।
बताया जाता है कि जंगल से वापसी के क्रम में दो साइकिल सवार बदमाशों ने उन महिलाओं को पकड़ लिया। किसी तरह महिलाएं अपनी जान और इज्जत बचाते हुए उनकी पकड़ से भाग निकलीं।
डैम से मिली तीन महिलाओं की लाश
इस दौरान रास्ते में एक डैम पड़ता है। बदमाश भी महिलाओं का पीछा करते हुए डैम तक पहुंच गए। बदमाशों से बचने के लिए महिलाओं को डैम पार करना होता।
महिलाओं ने ये सोचा कि अगर वे पुल से डैम को पार करतीं है, तो बदमाश उन्हें पकड़ सकते थे। इसलिए उन्होंने डैम में छलांग लगा दी। लेकिन, डैम गहरा होने के कारण वे उसे पार नहीं कर सकीं और डूबने से तीनों की मौत हो गई। बच्ची किसी तरह तैर कर नहर पार कर गई और घर आ गई।
इस लोमहर्षक घटना की एक मात्र बच्ची ही प्रत्यक्षदर्शी है, जिसने घर पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी अपने अन्य घरवालों को दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने नहर में भी खोजबीन शुरू कर दी। रात भर खोजबीन करने के बाद सुबह डैम से तीनों की लाश मिलीं।
पुलिस कर रही घटना की जांच
मृत महिलाओं में किशोर यादव की पत्नी मंजू देवी (35), सकलदेव पंडित की पत्नी शोभा देवी (20) और अजीत यादव की पत्नी रीना देवी (19) शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शी बच्ची मंजू की बेटी है।
इसके बाद पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वह हर एंगल से इस घटना की जांच कर रही है। अगर इस मामले में कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाइ की जाएगी।