चेन्नई में आठ विकेट की जीत के बाद हैदराबाद टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को पारी से हराकर टीम इंडिया के हौसले सातवें आसमान पर हैं। लेकिन इन दो शानदार जीत के बावजूद वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का खराब फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में क्या बाकी के दो मैचों में इन दोनों खिलाड़ियों को अंतिम ग्यारह में मौका देना सही होगा?
सहवाग ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती दोनों मैच में कुछ खास नहीं कर सके हैं। चेन्नई टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर उन्होंने 21 रन बनाए।
जबकि हैदराबाद टेस्ट की पहली पारी में भी उनके बल्ले से केवल 6 रन बने। चिंता की बात यह है कि वे इन तीनों पारियों में अपनी पुरानी गलतियों की वजह से आउट हुए।
साथ ही क्षेत्ररक्षण में भी सहवाग का प्रदर्शन ढीला रहा। ऐसे में क्या तीसरे टेस्ट में उनकी जगह युवा ओपनर शिखर धवन को मौका देना चाहिए? धवन क्षेत्ररक्षण में भी काफी चुस्त माने जाते हैं।
पिछले दोनों मैचों में भारत की जीत में स्पिनरों ने अहम भूमिका निभाई। दोनों मैच को मिलाकर आर अश्विन ने 18 और रविंद्र जडेजा 11 विकेट लिए हैं। वहीं हरभजन सिंह के खाते में केवल पांच विकेट गए। गौर करने वाली बात यह रही कि इन दोनों मैचों में हरभजन अपने पुराने रंग में नहीं दिखे।
क्या भज्जी की जगह हाल के दिनों में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे प्रज्ञान ओझा को अंतिम ग्यारह में मौका देना चाहिए?