इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) के बाद भारतीय स्टेट बैंक की पीओ भर्ती परीक्षा पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया गया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस परिवर्तन से आईबीपीएस और एसबीआई की परीक्षा के प्रारूप में काफी अंतर हो गया है। ऐसे में प्रतियोगियों को अब तैयारी में दोहरी रणनीति बनानी होगी।
एसबीआई की भर्ती परीक्षा में वस्तुनिष्ठ आधारित पेपर में पूर्व की तरह चार खंड ही होंगे, लेकिन प्रश्नों का तरीका बदल जाएगा। पहले गणित के खंड में सामान्य गणित के सभी टॉपिक से सवाल होते थे, लेकिन आगामी भर्ती परीक्षा में केवल टेबल और ग्राफ पर आधारित सवाल होंगे। ऐसे में अगर इस तरह के सवालों पर परिक्षार्थी की कमांड है तो पूरे अंक, अन्यथा मुश्किलें ही मुश्किलें।
इसके अलावा सामान्य अध्ययन के खंड में अब कंप्यूटर ज्ञान और स्किल टेस्ट से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। तीनों सेक्शन से बराबर प्रश्न होंगे। इसके विपरीत अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में भर्ती के लिए आईबीपीएस की परीक्षा में गणित के खंड में सभी टॉपिक से सवाल होंगे। दूसरे खंड में भी सिर्फ सामान्य अध्ययन के सवाल होंगे।
बदलाव के इस क्रम में हिन्दी भाषी क्षेत्र के प्रतियोगियों को भी झटका लगने जा रहा है। निबंध, पत्र लेखन के पेपर में प्रतियोगियों को मात्र अंग्रेजी में जवाब देना होगा। पहले यही व्यवस्था आईबीपीएस में भी थी, लेकिन प्रतियोगियों के विरोध के बाद यह खंड ही हटा दिया गया है। काउंसलर पद्मा पांडेय का कहना है कि इस तरह से प्रतियोगियों को एक ही नेचर की दो परीक्षाओं के लिए अलग-अलग तरीके से तैयारी करनी होगी।
स्नातक में प्रथम श्रेणी की बाध्यता समाप्त
एसबीआई ने पीओ भर्ती के लिए स्नातक में प्रथम श्रेणी की बाध्यता समाप्त कर दी है। इसके लिए सिर्फ स्नातक उत्तीर्ण पास आवेदन कर सकते हैं। इसके विपरीत आईबीपीएस की भर्ती में प्रथम श्रेणी वाले ही आवेदन कर सकते हैं। पहले इसके लिए सभी स्नातक आवेदन कर सकते थे।