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सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली यशा ने कर दिखाया ये काम

Thu, 30 Apr 2015 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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रंगों से खेलने के शौक ने मुझे स्टेट चैंपियन बना दिया। इसी शौक ने मुझे समाज में अलग पहचान दिलाई। कोई भी संस्था या व्यवस्था खराब नहीं होती। मेरी लड़ाई समाज की उस सोच से थी, जो समझती है कि सरकारी स्कूलों में बेहतर अवसर नहीं हैं। मैं यही साबित करना चाहती थी कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी कामयाबी की इबारत लिख सकते हैं।
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सीनियर सेकेंडरी स्कूल पट्टा (हमीरपुर) में सातवीं की छात्रा यशा शर्मा ने कहा कि उनके जीवन में सफलता हासिल करने का उनका संघर्ष अलग तरह का रहा है। पिता पंकज शर्मा माता अनुबाला ने इस संघर्ष में हर दम साथ दिया। तीन वर्ष की उम्र में मैंने रंगों से खेलना शुरू कर दिया था। मुझे मालूम नहीं था कि मेरा यह शौक मुझे तीसरी कक्षा में ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता बना देगा।

मैंने पहली कक्षा में सरकारी स्कूल में प्रवेश लिया तो मेरे माता-पिता के इस निर्णय की समाज और सगे संबंधियों ने जमकर आलोचना की। माता-पिता का दृढ़ निश्चय था कि मुझे सरकारी स्कूल में पढ़कर ही सफलता प्राप्त करनी है। चारों ओर से हो रही आलोचनाओं ने मेरे मन को मजबूत करना आरंभ कर दिया। जब मेरे सामने आलोचना होती तो मुझे बुरा लगता था।
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मगर न मेरे माता पिता, न ही मैंने किसी को उत्तर दिया। मन ही मन उस आलोचना को अपनी ताकत बनाया। पांचवीं कक्षा तक मेरे पांच वर्ष अत्यंत संघर्षपूर्ण थे। मैं हर रोज खुद से सवाल करती थी और अपने मन को पक्का करने के लिए खुद को ही दिलासा देती थी। मैं माता-पिता और खुद के निर्णय को सही साबित करना चाहती थी।

मेरा संघर्ष एक व्यवस्था को सही साबित करने का था। मेरी लड़ाई समाज की उस सोच से थी, जो समझती है कि सरकारी स्कूलों में बेहतर अवसर नहीं हैं। तीसरी कक्षा में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में पहला स्थान पाया। इसके बाद सफलता हासिल करने का जुनून सवार हो गया। चौथी व पांचवीं तक राज्य स्तरीय खो-खो और गोलाफेंक प्रतियोगिता में भाग लिया।

इसके बाद मेधावी छात्रवृत्ति परीक्षा में पहला स्थान पाया। इससे मेरी आलोचना कम हो गई। मेरी सातवीं तक की शिक्षा में मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रही हूं। संघर्ष अभी भी जारी है। ये कहानी है हमीरपुर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल पट्टा में पढ़ने वाली यशा की जो रंगों पर अपनी महारत से स्टेट चैंपियन बनी थी।
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