उत्तर प्रदेश के आगरा में आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 15 में जलकल विभाग की 500 मिमी व्यास की पाइपलाइन के लीकेज की मरम्मत के दौरान बिजली की केबल कट गई। इससे पानी से भरे गड्ढे में करंट दौड़ गया। पाइपलाइन की मरम्मत के लिए गड्ढे में खड़े मजदूर की करंट से तड़प-तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। साथी मजदूरों ने जलकल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं जलकल महाप्रबंधक ने मामले से पल्ला झाड़ लिया।
सेक्टर-15 में जलकल विभाग की पाइपलाइन की मरम्मत कर रहे ठेकेदार ने पानी से भरे गड्ढे में जेसीबी चलाने के दौरान न तो पानी निकाला, न ही बिजली की लाइन की जांच की। दो महीने पहले डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने शहर में हर खुदाई के लिए एडीएम सिटी से अनुमति के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन अनुमति नहीं ली गई। खुदाई के दौरान टोरंट पावर, ग्रीन गैस की लाइनों के कारण इनके इंजीनियर या संबंधित कर्मचारी का होना जरूरी है, वहीं जलकल विभाग के इंजीनियर भी मौके पर होने चाहिए थे, लेकिन एक भी इंजीनियर मौके पर नहीं था।
जलकल विभाग की लाइन की मरम्मत के समय हुए हादसे में मजदूर मनीष नगला बिहारी का निवासी था। वह ठेकेदार प्रताप सिंह के साथ काम कर रहा था। साथी मजदूरों ने आरोप लगाया कि जलकल विभाग को हादसे की सूचना दी गई तो सभी ने पल्ला झाड़ लिया। जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने पहले हादसे से ही इंकार किया और कहा कि उन्हें जानकारी नहीं। सड़क पर कई विभाग काम करते हैं, क्या पता, किसका कर्मचारी है। जलकल विभाग का कोई कर्मचारी नहीं है, जबकि आउटसोर्सिंग या ठेकेदार से काम कराने पर जवाबदेही संबंधित विभाग की है कि नियमों के मुताबिक काम कराएं।