भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ने कहा कि धर्म को आधार इसलिए कह रहा हूं कि क्योंकि जुमे का दिन तय किया जाता है। उस दिन लगभग सभी मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। उनकी आड़ में कुछ उपद्रवी आसानी से अपनी मंशा परवान चढ़ा पाते हैं और घटना को सांप्रदायिकता का रंग दिया जाता है। मगर अब मुस्लिम जागरुक हो चुके हैं और उपद्रवियों की मानसिकता समझ चुके हैं। प्रेसवार्ता के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर मौजूद रहे।
प्रशासन पर उठाए सवाल
मीडिया ने सवाल पूछा आप इतना सब कह रहे हैं, सरकार आपकी है तो भी मौलाना पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। इस पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। मुझे नहीं पता प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। ये बात प्रशासन से पूछी जानी चाहिए। मैंने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपने नेतृत्व को अवगत करा दिया है। शहर का माहौल खराब करने में जिस किसी का भी हाथ होगा उस पर निश्वित कार्रवाई होगी।
मुस्लिम महापुरुषों के गिनाए नाम
उन्होंने कहा कि देश में प्रोफेसर इमरान हबीब, डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी की गिनती इस्लामी बुद्धिजीवियों में होती है जो आतंकवाद पर खुलकर बोलते हैं तो क्या ये सच्चे मुसलमान नहीं है। कहा कि रसखान, रहीम खान, कबीर खान, अब्दुल गफ्फार खां, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. एपीजे अबुल कलाम जैसे महापुरुषों को आदर्श मानकर शांति से देशहित में जीवन यापन किया जा सकता है। मगर, औरंगजेब, बाबर, गजनी, मीर कासिम, चंगेज खान जैसे आक्रांताओ को आदर्श मानेंगे तो शांति की उम्मीद नहीं की जा सकती है।