चंडीगढ़ ललित कला अकादमी सेक्टर-34 की ओर से गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी सेक्टर-10 में पेंटिंग वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसमें मशहूर आर्टिस्ट पद्मश्री आर्टिस्ट मनु पारेख पहुंचे।
उनके साथ पत्नी माधवी पारेख भी मौजूद थीं। यह वर्कशाप चंडीगढ़ आर्ट एंड हैरिटेज फेस्टिवल के तहत लगाई गई। दोनों ही आर्टिस्ट ट्राइसिटी के नौ युवा आर्टिस्ट के साथ यह वर्कशाप लगा रहे हैं।
वर्कशाप में अक्शी बब्बर, बलजीत रंधावा, जे सिंह, कुलजीत सिंह, नरेश मल्होत्रा, प्रभजोत, पूर्णिमा, रविकांत और सृष्टि शामिल हैं। अकादमी के चेयरमैन दीवान मन्ना ने उनका स्वागत किया।
2004 में ‘बनारस’ नामक उनकी पेंटिंग एग्जीबिशन से उन्होंने देश विदेश में काफी तारीफ बटोरी थीं। मनु पारेख ने कहा कि कला के लिए जुनून होना जरूरी है।
पत्नी को सिखाई कला की बारीकियां
मात्र 13 साल की उम्र में मनु पारेख 9 साल की माधवी पारेख को जानते थे। आर्टिस्ट मनु पारेख ने माधवी को कला के गुर सिखाए।
आर्टिस्ट माधवी पारेख ने बताया कि उन्हें गांव के रहन सहन से बेहद लगाव है। इसलिए उनका आर्ट वर्क गांव, कॉफ्ट पर आधारित हैं।