डाकघरों की विभिन्न बचत योजनाओं में अपनी मेहनत की कमाई जमा करने वाले खाताधारकों के साथ हो रहे खेल पर अब विजिलेंस की नजर होगी।
आए दिन बचत खाताधारकों के खाते से अपने खातों में राशि हस्तांतरित करने वाले भ्रष्ट डाककर्मियों के खिलाफ डाक विभाग ने घेराबंदी शुरू कर दी है। डाक विभाग ने एक स्पेशल विजिलेंस टीम का गठन किया है जो कि डेढ़ लाख बचत खाता धारकों की जमा राशि और उनके दस्तावेजों का मिलान करेगी।
अब तक डाक विभाग को बचत खाते से गोलमाल कर रकम उड़ाने वाले डाककर्मियों के बारे में लिखित शिकायत के बाद ही जानकारी मिल रही थी।
पिछले महीने ही तोपखाना बाजार, सरोजनीनगर और निरालानगर में खाते से डाककर्मियों ने जमा की हुई रकम निकाल ली थी।
इस मामले में तीन डाककर्मी निलंबित हुए थे। इस तरह के मामलों की सीधी पड़ताल के लिए डाक विभाग मंडल स्तर पर एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है।
लेखा और ऑडिट से जुड़े डाककर्मियों को मिलाकर एक विशेष विजिलेंस टीम बनाई गई है। यह टीम दो दिनों के भीतर काम करना शुरू कर देगी।
जीपीओ हजरतगंज, चौक, निरालानगर, अलीगंज सहित कई डाकघरों में विजिलेंस की टीम तैनात होगी। यह टीम प्रवर डाक अधीक्षक लखनऊ मंडल के अधीन काम करेगी।
सूचना मिलने पर प्रवर डाक अधीक्षक ही टीम को औचक छापेमारी के आदेश देंगे।
इस छापेमारी में बचत खाताधारकों की पासबुक में दर्ज धनराशि और उनके अकाउंट नंबर से डाक विभाग के पास दर्ज ब्यौरा का मिलान होगा।
यदि मिलान के दौरान जमा हुई धनराशि या फिर निकाली गई राशि में अंतर पाए गए तो उससे संबंधित डाककर्मी को निलंबित कर उसके खिलाफ जांच की जाएगी।