बैजनाथ विकास खंड की चार दर्जन पंचायतों में हुए चुनाव में एक दर्जन से अधिक पंचायत प्रधान अपनी साख को बचाने में सफल रहे हैं। इसमें अधिकतर पंचायत प्रधान कांग्रेस समर्थित हैं। खंड की सबसे बड़ी पंचायत अवैरी के प्रधान कुशल कुमार रिकॉर्ड 700 से अधिक मतों से विजयी हुए हैं।
बैजनाथ पपरोला नपं में वार्ड नंबर पांच से कांता देवी मात्र दो मतों से विजयी रही हैं। झिकली भेठ के होंसर राम, लंघु गदियाड़ा की सुमन स्याल, कुदैल पंचायत के रांझा राम, सेहल पंचायत के रविंद्र कुमार, अवैरी के कुशल कुमार, कुंसल पंचायत की सुमन, माधोनगर के महिंद्र सिंह, छोटा भंगाल के पोलिंग के रूप चंद, कृष्णा नगर की नीलम और जगदीश राणा, महाकाल से विलायती राणा अपनी साख बचाने में सफल रहे हैं।
प्रदेश महिला आयोग की पूर्व सदस्य शीला देवी बीड़ पंचायत प्रधान पद और मुलख राज प्रेमी के भाई तिलक उपप्रधान पद के लिए जीत हासिल नहीं कर सके। शहरी विकास मंत्री सुधार शर्मा के पैतृक गांव चौबीन पंचायत में कांग्रेस समर्थक कुलविंद्र राणा जीते हैं। छोटा भंगाल की आठ में से सात पंचायतों में नए पंचायत प्रधान जीते, जबकि मढेहड़ पंचायत में पिछले 20 वर्षों से काबिज कपूर परिवार को इस बार असफलता हाथ लगी है।
हरेड़ पंचायत में एक समुदाय का मात्र एक ही परिवार रमेश चंद अन्य उम्मीदवारों पर भारी पड़े। धार क्षेत्र चढ़ियार के अधिकांश पूर्व पंचायत प्रधान इस मर्तबा उपप्रधान बनने में सफल रहे हैं। उधर, बीडीओ राजीव सूद ने बताया कि पहली मर्तबा अस्तित्व में आई सुनपुर पंचायत निर्विरोध चुनी गई है।